राजस्थान के अलग-अलग इलाके में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए कमिश्नरेट की सीएसटी ने सरगना सहित 5 को पकड़ लिया।गिरफ्तार आरोपी सरगना रविन्द्र शर्मा उर्फ रवि शर्मा कोटपूतली स्थित बानसूर, दिनेश कुमार ओला किशनगढ़ रेनवाल स्थित डूंगरी, कुलदीप सिंह जाटा खण्डेला सीकर, कमल कुमार शर्मा व विकास यादव बानसूर के रहने वाले है। सभी आरोपी जयपुर में अलग-अलग जगह पर किराए के मकानों में रहकर नौकरी के नाम पर ठगी का गिरोह चला रहे थे।
सीएसटी ने सभी आरोपियों को पकड़कर महेश नगर थाना पुलिस को सौंप दिया। डीसीपी क्राइम कुंदन कंवरिया ने बताया कि इस संबंध सीएसटी सदस्य जितेन्द्र यादव को मिली सूचना के आधार पर टीमों ने अलग-अलग जगह दबिश देकर पकड़ा है।
आरोपियों के पास सीबीआई के स्पेशल ऑफिसर के नाम का फर्जी आईडी कार्ड, भारत सरकार लिखी कार, नौकरी देने के फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर बनाने से जुड़े दस्तावेज मिले है। जांच में सामने आया कि ये गिरोह अलग-अलग जगह घूमकर ऐसे में बेरोजगार युवाओं की तलाश करते है, जो नौकरी के लिए पैसे देने के लिए तैयार रहते हो। उन बातों को फंसाकर फर्जी सीबीआई अफसर से मिलवाते है, जो भारत सरकार लिखी कार से आता और साथ में वायरलैस सेट भी रखता था।
बात करने के दौरान आरोपी कई लोगों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिखाकर बताता कि वह अब तक सचिवालय, देवस्थान विभाग व फायर सहित कई विभागों में लोगों को नौकरी लगा चुके है। इसी तरह दूसरे युवाओं को नौकरी का झांसा देकर फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाकर पैसे वसूल लेता था। उसके बाद जब लोग जॉइनिंग लेटर विभाग में जाते तो फर्जीवाड़े का पता चलता था।
- गिरोह के सरगना को सीएसटी पहले करणी विहार में पकड़ चुकी थी। उस मामले में जमानत मिलने के बाद बाहर आया और नए ठिकाने पर नई गैंग बनाकर फिर ठगी का कारोबार शुरू कर दिया। सीएसटी को जमानत की सूचना मिलने के बाद उसे ट्रेस किया और पीछा शुरू कर दिया।
- सरगना रवीन्द्र के खिलाफ भांकरोटा, महेश नगर, सोढ़ाला व करणी विहार थाने में 6 आपराधिक प्रकरण दर्ज है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि अन्य वारदातों का खुलासा हो सके।
अपील – पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बेरोजगार युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इस तरह नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वालों से सावधान रहे और इस तरह के लोगों के बारे में पुलिस को सूचना दें।





