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राजस्थान के छात्रों के लिए एडमिशन मुश्किल:ऑस्ट्रेलिया की टॉप यूनिवर्सिटी में प्रदेश के 7 जिलों के छात्रों के प्रवेश पर रोक

हर साल बड़ी तादात में राजस्थान के छात्र विदेश पढ़ने जाते हैं, इनमें अमेरिका के साथ यूके, ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटीज भी शामिल हैं। लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया ने राजस्थान के छात्रों के लिए एडमिशन मुश्किल कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया की 7 यूनिवर्सिटी ने हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू, नागौर, सीकर, बूंदी और बीकानेर के छात्रों को अच्छे इंटरव्यू के बावजूद दाखिला रोक दिया है। हनुमानगढ़ – गंगानगर को रेड जोन में रखा है, शेष को ग्रे जोन में।

ऐसा क्यों? जवाब में कॅरिअर काउंसलर पवन सोलंकी बताते हैं- ऑस्ट्रेलियाई एंबेसी ने कई साल का डेटा एनालिसिस किया है और तय किया कि इन जिलों के छात्रों के दाखिले सख्त जांच के बाद ही होंगे। ऑस्ट्रेलिया का दावा है कि इन जगहों से सबसे ज्यादा गलत डॉक्यूमेंट जमा कराए जा रहे हैं। आईईएलटीएस टेस्ट स्कोर में भी धांधली पकड़ी गई है। यहां के छात्र सस्ते काॅलेज में दाखिला लेकर नौकरी करने लगते हैं। एक्सपर्ट वीरप्रताप सिंह ने बताया- फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी, मोनाश यूनिवर्सिटी मेलबर्न, मैक्वेरी यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलियन कैथोलिक यूनिवर्सिटी, रॉयल मेलबर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, यूनिवर्सिटी ऑफ वॉलोन्गॉन्ग, स्विनबर्न यूनिवर्सिटी से रिजेक्शन लेटर मिल रहे हैं।

आस्ट्रेलिया का दावा- इन जगहों के छात्र पढ़ाई के नाम पर फ्रॉड करते हैं रेड जोन- हनुमानगढ़ और गंगानगर जिला ग्रे जोन- चूरू, नागौर, सीकर, बूंदी, बीकानेर

एक्सपर्ट व्यू- वीजा नियम तोड़ने का नतीजा

“3 दिन पहले एक छात्र की सारी प्रक्रिया पूरी कर डॉक्यूमेंट भेजे गए। कुछ मिनटों में रिजेक्शन लेटर आ गया। वजह पूछी गई तो बताया- पासपोर्ट में क्षेत्र देखकर रिजेक्ट किया है। वहां के छात्र वीजा नियमों का उल्लंघन करते हैं। राजस्थान सहित गुजरात, यूपी, पंजाब, जम्मू कश्मीर के कुछ क्षेत्र भी इस श्रेणी में रखे हैं।”

-अमर भहड़ा, एजुकेशन काउंसलर

सख्ती इसलिए – 2021 में जयपुर के अजय (बदला नाम) ने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में बैचलर्स इन आईटी कोर्स में एडमिशन लिया। वहां के एजेंट ने अजय को यूनिवर्सिटी से 70 किमी. दूर रूम दिलाया। फिर उसे बरगलाया- क्लास अटेंड करने की जगह कमाई करो। ट्रेड कोर्स में दाखिला लेकर कारपेंटर का काम करने लगा, एक साल बाद कम अटेंडेंस के चलते कॉलेज ने उसे निकाल दिया।

गंगानगर के विनोद (बदला हुआ नाम) का दाखिला एमबीए कोर्स के लिए हुआ। वहां लोगों की बातों में आकर एक कोर्स के साथ दूसरे कोर्स में दाखिला ले लिया और पैसे कमाने के लिए टैक्सी चलाने लगा। ऑस्ट्रेलिया में एक साथ दो कोर्स करने पर पाबंदी है। ऐसे में जब वो भारत से छुट्टियों के बाद लौटा तो इमिग्रेशन पर रोका और भारत भेज दिया गया।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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