ट्रेन में 15 रुपए की पानी की बोतल 20 रुपए में बेची जा रही है। ठंडा नाश्ता परोसा जा रहा है। ट्रेनों में सामान के ज्यादा पैसे लेने और अन-अथॉराइज्ड ब्रांड बेचने वालों पर IRCTC ने कार्रवाई की है।
अलग-अलग वेंडर के खिलाफ 25 हजार रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाने के लिए रेलवे मंडल को लिखा है। यह कार्रवाई 21 जुलाई से शुरू हुई है। दो दिन (21-22 जुलाई) में अजमेर, जयपुर, जोधपुर स्टेशन पर 23 ट्रेन में जांच की गई।
दरअसल, IRCTC ने ट्रेन और स्टेशन पर यात्रियों को शुद्ध भोजन व रेल नीर मुहैया कराने के लिए ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान शुरू किया है। इसमें बिना अनुमति के ब्रांड का पानी और मिल्क प्रोडक्ट्स पकड़े गए।
वहीं, वंदे भारत ट्रेन में चाय के लिए दिए जाने वाले कप खराब क्वालिटी के मिले। इनमें कई जगह सामान जब्त किया गया और संबंधित वेंडरों पर कार्रवाई की गई।
जयपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में की गई कार्रवाई में बड़ी मात्रा में बिना परमिशन का सामान पकड़ा गया।
यात्रियों की ओर से मिली थीं शिकायतें IRCTC के महाप्रबंधक मुकेश सैनी ने बताया- हमें ‘रेल मदद’ ऐप और ट्विटर पर यात्रियों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। हमने 1 से 20 जुलाई के बीच आई शिकायतों का विश्लेषण किया।
इसमें मुख्य रूप से चार तरह की शिकायतें सामने आईं। ट्रेनों में बिना मंजूरी का पानी बेचा जाना, अनधिकृत वेंडिंग, तय रेट से अधिक पैसा वसूलना और खाने की गुणवत्ता में कमी। इन्हीं शिकायतों को आधार बनाकर 21 जुलाई से विशेष फील्ड कार्रवाई शुरू की गई।
21 जुलाई को कार्रवाई: दूसरे ब्रांड के फूड प्रोडक्ट मिले अजमेर में रानीखेत एक्सप्रेस (15013), अरावली एक्सप्रेस (14702), उदयपुर एक्सप्रेस (19610) और जयपुर में आला हजरत एक्सप्रेस (14311), बाड़मेर-गुवाहाटी (15631) में पानी, फूड प्रोडक्ट, बिस्किट, चॉकलेट, केक और अन्य पैक्ड फूड दूसरे ब्रांड के मिले। जो अप्रूव्ड नहीं हैं।
22 जुलाई को कार्रवाई: बिना मंजूरी के लोकल ब्रांड मिले मुकेश सैनी ने बताया- अभियान के तहत 15 ट्रेनों की जांच में चार ट्रेनों में बिना मंजूरी का पानी, छाछ और लोकल ब्रांड के उत्पाद पकड़े गए। जयपुर में दयोदय एक्सप्रेस (12181) में M/s फूड वार्ड के वेंडर विजय के पास गोल्डी ब्रांड का बिना मंजूरी पानी मिला। इसके 10 बॉक्स जयपुर स्टेशन पर जब्त किए गए।
जयपुर में रानीखेत एक्सप्रेस (15014) में KSI एसोसिएट्स के मैनेजर अर्जुन सिंह के पास बिना मंजूरी के बिसलरी ब्रांड के पानी के 13 बॉक्स पाए गए। वहीं, जयपुर में जयपुर-पुणे एक्सप्रेस (12940) में फूड वार्ड के मैनेजर अरविंद के पास श्रीकृष्णा ब्रांड की 50 बटर मिल्क की बोतलें और एक्वा ब्रांड का लोकल पानी पकड़ा गया। इन सभी को जब्त कर ट्रेन से उतार दिया गया। जयपुर में आला हजरत एक्ट्रेस (14322) में दूसरे ब्रांड के मिल्क प्रोडक्ट और पानी पकड़ा गया।
बिना अनुमति के ब्रांड का पानी जब्त किया गया।
15 रुपए का पानी 20 रुपए में बेचा जा रहा कई ट्रेनों में जांच के दौरान पाया गया कि वेंडर पैसेंजर से चाय की तय कीमत से ज्यादा वसूल रहा था। इसके साथ रेल मदद और ट्विटर पर यात्रियों की ओर से जिन ट्रेनों में ज्यादा शिकायतें मिल रही थीं। उन ट्रेनों में भी औचक निरीक्षण किया गया। इनमें वेंडर की ओर से रेल नीर या अन-अथॉराइज्ड ब्रांड का पानी बेचा जा रहा था।
अरावली एक्सप्रेस (14702), उदयपुर सिटी एक्सप्रेस (196010) और बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस (15631) में 15 रुपए की बोतल के 20 रुपए वसूल रहा था। अन-अथॉराइज्ड ब्रांड के पानी और फूड प्रोडक्ट्स को जब्त किया गया है।
IRCTC ने संबंधित लाइसेंसधारकों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुछ मामलों में न्यूनतम 25 हजार रुपए की पेनल्टी लगाने के लिए संबंधित रेलवे मंडल को लिखा है। जयपुर, अजमेर और जोधपुर के डीसीएम और रेलवे मंडलों की टीमों को इस अभियान में शामिल किया गया है। जयपुर के डीसीएम खुद भी ट्रेनों में चेकिंग कर रहे हैं।
बेस किचन पर भी निगरानी कर रही टीमें मुकेश सैनी ने बताया- खानपान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आईआरसीटीसी की टीमें बेस किचन पर भी निगरानी कर रही हैं। जयपुर के किचन में सुबह 5 बजे जांच की गई, जहां शिकायत मिली थी कि ट्रेन में ठंडा नाश्ता परोसा जा रहा है।
जांच में पाया गया कि किचन में नाश्ते को गर्म रखने का इक्विपमेंट सही नहीं था, जिससे नाश्ता गर्म नहीं रह पा रहा था।। कुछ किचन में एग्जॉस्ट सिस्टम काम नहीं कर रहा था। इस पर तुरंत सुधार की कार्रवाई की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि गर्म रखने वाले इक्विपमेंट का इस्तेमाल हो।
वंदे भारत ट्रेन में हल्की क्वालिटी के कप का इस्तेमाल IRCTC के महाप्रबंधक मुकेश सैनी ने बताया- हमें वंदे भारत ट्रेन को लेकर भी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। हमने जब इस पर चेकिंग की तो वंदे भारत ट्रेन में चाय परोसे जाने के लिए हल्के क्वालिटी के कप इस्तेमाल किए जा रहे थे। जो लीक कर रहे थे, जबकि इस ट्रेन में हार्ड कप का इस्तेमाल अनिवार्य है। इस लापरवाही पर कॉन्ट्रैक्टर पर जुर्माना लगाने के लिए लिखा है। यात्रियों से फीडबैक भी लिया गया और किचन से जुड़ी अन्य शिकायतों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ट्रेन में अन-अथॉराइज्ड ब्रांड के डेयरी प्रोडक्ट्स बेचे जा रहे थे। टीम ने इन्हें जब्त कर लिया।
फूड प्रोडक्ट्स की सैंपलिंग करवाकर जांच के लिए भेजी IRCTC ने साफ किया है कि उसकी ओर से केवल चुनिंदा ट्रेनों में खानपान की जिम्मेदारी ली जाती है। बाकी ट्रेनों और स्टेशनों पर अलग-अलग यूनिट्स काम करते हैं। इस अभियान के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रियों को शुद्ध, प्रमाणित और उचित रेट पर खानपान की सुविधा मिले। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और रोजाना की कार्रवाई रिपोर्ट तैयार की जाएगी। शिकायतों के आधार पर यह भी आकलन किया जा रहा है कि किन इलाकों और ट्रेनों में गड़बड़ी ज्यादा हो रही हैं।
IRCTC के महाप्रबंधक मुकेश सैनी ने बताया- चूंकि हमारा दायरा सीमित है। ऐसे में हम उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मंडलों के डीसीएम का सहयोग ले रहे हैं। 30 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में किचन चेक करने के लिए रेलवे मेडिकल विभाग से फूड सेफ्टी ऑफिसर भी शामिल हैं।
जयपुर, जोधपुर, अजमेर समेत जहां भी हमारे वेंडर के किचन हैं, वहां से फूड प्रोडक्ट्स की सैंपलिंग करवाकर जांच के लिए लैब भेजी गई है। लैब की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






