मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा की मौत ने निजी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमायरा की मौत के बाद परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही और घटना को छिपाने के आरोप लगाए हैं। शनिवार दोपहर 12 बजे, अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। परिजनों ने कहा कि स्कूल प्रशासन और शिक्षक पूरी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे थे।
मृतका के पिता विजय ने मानसरोवर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई और बताया कि बच्ची सुबह स्कूल गई थी और पूरी तरह स्वस्थ थी। परंतु, घटना के बाद स्कूल ने न तो परिजनों को सूचित किया और ना ही घटनास्थल दिखाया। पुलिस को जानकारी अस्पताल द्वारा दी गई। इसके बाद हमें पुलिस ने बेटी की मौत की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को भी स्कूल स्टाफ ने सहयोग नहीं किया और उन्हें घटनास्थल तक नहीं जाने दिया। इधर, सोमवार सुबह अमायरा को परिजनों ने अंतिम विदाई थी, इस दौरान हर आंख नम थी।
मामा ने कहा-केंद्रीय मंत्री से करेंगे शिकायत, स्कूल पर हो कार्रवाई छात्रा अमायरा के दिल्ली निवासी मामा साहिल देव का आरोप है कि घटना के बाद से लेकर रविवार शाम तक स्कूल के स्टाफ ने काेई संपर्क नहीं किया। स्कूल प्रबंधन काे अमायरा की माैत काे लेकर काेई अफसोस नहीं है। स्टाफ काे भी चुप कर दिया गया है। साथ ही स्कूल में अमायरा की कक्षा के बच्चों काे भी पुलिस काे देने वाले बयानों काे रटाया जा रहा है, ताकि स्कूल प्रबंधन अपनी गलती छिपा सके। उन्होंने कहा कि वे सीबीएसई बोर्ड के साथ केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से घटना की जांच व दोषी स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग रखेेंगे।
शिक्षा विभाग की टीम को डेढ़ घंटे नहीं घुसने दिया
स्कूल में 5 सुरक्षा गार्ड तैनात थे। शिक्षा विभाग की टीम जब जांच के लिए स्कूल पहुंची, तो उन्हें डेढ़ घंटे तक बाहर खड़ा रखा गया। जांच टीम ने बताया कि स्कूल प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की और घटनास्थल पर फैले खून व साक्ष्यों को साफ किया।
पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा सरकार स्कूल से डर रही है, इसलिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतनी गंभीर घटना के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी को हिरासत में नहीं लिया गया।
अभिभावक संघ ने कहा- जिम्मेदारों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो
संयुक्त अभिभावक संघ राजस्थान ने घटना को अत्यंत निंदनीय और आपराधिक श्रेणी का बताया। संघ ने कहा कि स्कूल प्रशासन ने न केवल घटना की सूचना छिपाई, बल्कि सबूत मिटाने की भी कोशिश की। एनसीपीसीआर के अनुसार, स्कूल की बिल्डिंग तीन मंजिल से अधिक नहीं होनी चाहिए, लेकिन यह स्कूल पांच मंजिलों पर संचालित हो रहा है। संघ ने मांग की कि स्कूल की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए और प्रबंधन पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।






