Home » राजस्थान » हाड़ौती की पर्यटन क्षमता को वैश्विक मंच पर लाएगा कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट 2 से 4 जनवरी 2026 तक आयोजन, चम्बल रिवर फ्रंट से होगा शुभारम्भ

हाड़ौती की पर्यटन क्षमता को वैश्विक मंच पर लाएगा कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट 2 से 4 जनवरी 2026 तक आयोजन, चम्बल रिवर फ्रंट से होगा शुभारम्भ

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान वैश्विक पर्यटन का सिरमौर बनने की ओर अग्रसर है। इस वर्ष सर्वाधिक पर्यटक आगमन वाले प्रथम पांच राज्यों में शामिल राजस्थान विकेन्द्रीकृत पर्यटन विकास की ओर भी अग्रसर है।

राज्य सरकार की विकेन्द्रीकृत पर्यटन विकास की बजट घोषणा के क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण पहल के तहत कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट का आयोजन 2 से 4 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इस तीन दिवसीय कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट का शुभारम्भ चम्बल रिवर फ्रंट, कोटा से होगा, जबकि ट्रैवल मार्ट के शेष कार्यक्रम आर्ट हिल सिटी पार्क में आयोजित किए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी निर्देशन में राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र की ऐतिहासिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में यह ट्रैवल मार्ट मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है। कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट हाड़ौती की पर्यटन क्षमता को वैश्विक मंच पर लाएगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता के अनुसार पर्यटन गतिविधियों के दायरे को विस्तार देते हुए राज्य के अन्य क्षेत्रों को भी पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति के तहत कोटा में पहला ट्रैवल मार्ट आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य राजस्थान के उन क्षेत्रों को मंच प्रदान करना है, जो पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध होने के बावजूद अब तक अपेक्षित प्रचार-प्रसार से वंचित रहे हैं।

पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र-कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़-ऐतिहासिक धरोहरों, अभेद्य किलों, धार्मिक स्थलों, वन्यजीव अभयारण्यों और नैसर्गिक सौंदर्य का अनूठा संगम है। चम्बल नदी, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, गागरोन और बूंदी जैसे ऐतिहासिक किले, जलप्रपात, घाटियां और धार्मिक स्थल इस क्षेत्र को एक संपूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाते हैं। ट्रैवल मार्ट के माध्यम से इन स्थलों को संगठित और पेशेवर पर्यटन उत्पाद के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

पर्यटन आयुक्त ने बताया कि कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट में देशभर से चयनित टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसियां और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक भाग लेंगे। इन्हें क्षेत्र के प्रमुख और अपेक्षाकृत अनछुए पर्यटन स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा, ताकि हाड़ौती को एक आकर्षक और व्यवहारिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके। इसके आधार पर क्षेत्र के लिए तीन से पांच दिवसीय एकीकृत पर्यटन इटनरी विकसित करने पर विशेष फोकस किया जाएगा, जिससे पर्यटकों की ठहराव अवधि बढ़ाई जा सके।

पर्यटन आयुक्त ने कहा कि ट्रैवल मार्ट के आयोजन से स्थानीय पर्यटन, रोजगार और आतिथ्य उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय गाइड और अन्य सहायक सेवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही हाड़ौती क्षेत्र को दिल्ली-आगरा-जयपुर पर्यटन सर्किट से जोड़ने की दिशा में भी ठोस पहल होगी, जिससे देशी और विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकेगी।

उन्होंने बताया कि ट्रैवल मार्ट के लिए हाड़ौती क्षेत्र के पर्यटन स्थलों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की गई है, जिसमें क्षेत्र की पर्यटन विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और अनुभवात्मक यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह डॉक्यूमेंट्री ट्रैवल मार्ट के दौरान प्रदर्शित की जाएगी और भविष्य में प्रचार-प्रसार के लिए भी उपयोग में लाई जाएगी।

पर्यटन विभाग के अनुसार, कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट न केवल हाड़ौती को राजस्थान के उभरते पर्यटन केंद्रों में शामिल करेगा, बल्कि राज्य के पर्यटन विकास को संतुलित और समावेशी बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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