केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री तथा अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर पूर्वोत्तर क्षेत्र पहुंचे।इस दौरे का उद्देश्य केंद्र सरकार की कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा,स्थानीय स्तर पर उनके प्रभाव का आकलन तथा संबंधित संस्थानों के साथ संवाद स्थापित करना रहा।अपने दौरे के पहले दिन केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी दिल्ली से रवाना होकर नागालैंड के दीमापुर एवं नोकलक पहुंचे।
नोकलक में केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों के साथ केंद्रीय मंत्रालयों की योजनाओं और नीतियों की समीक्षा बैठक की।इस दौरान उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप कृषि योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।इसके पश्चात उन्होंने जिला अस्पताल,नोकलक का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
दौरे के दूसरे दिन 17 जनवरी को केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने स्थानीय समुदायों एवं हितधारकों से संवाद किया तथा क्षेत्र की पारंपरिक सुरक्षा एवं सांस्कृतिक धरोहर को समझने के उद्देश्य से विलेज गार्ड्स म्यूज़ियम का निरीक्षण किया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक में भाग लिया।नागालैंड के कार्यक्रमों के पश्चात केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी असम की राजधानी गुवाहाटी पहुंचे,जहां उन्होंने स्थानीय कार्यक्रमों में सहभागिता की।इसी क्रम में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने अपनी धर्मपत्नी के साथ शक्तिपीठ श्री कामाख्या माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर देश,प्रदेश तथा किसानों के लिए सुख,समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

पूर्वोत्तर भारत बन रहा है प्राकृतिक खेती का हब
पूर्वोत्तर दौरे को लेकर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक खेती का हब बनाना चाहती है। केंद्र सरकार की कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं तथा स्थानीय किसानों की मेहनत के दम पर आज पूर्वोत्तर खेती किसानी के क्षेत्र में नया इतिहास लिख रहा है।भागीरथ चौधरी ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत कृषि, जैविक उत्पादन और उद्यानिकी की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है।केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने,कृषि अवसंरचना मजबूत करने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।




