सीकर एससी-एसटी कोर्ट ने पूर्व सरपंच की हत्या के मामले में 9 साल बाद गैंगस्टर लॉरेंस समेत 11 लोगों को दोषी करार दिया है। दोषियों को 21 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
दरअसल, गैंग के संपत नेहरा और अन्य बदमाशों ने दिनदहाड़े पूर्व सरपंच को गोलियों से भून डाला था। मामले में लॉरेंस विश्नोई, संपत नेहरा, सुभाष बराल समेत 14 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में मंगलवार को 11 को दोषी करार दिया है।
ये 11 दोषी करार हुए
मर्डर के मामले में लॉरेंस विश्नोई, हरदेवाराम, भानु प्रताप, कुलदीप, सुनील, मुकेश, यतेंद्र, ओम प्रकाश, हरविंद्र उर्फ मोनू, अरुण और नरेंद्र को दोषी करार दिया गया है।

पढ़िए क्या था पूरा मामला
मर्डर का पूरा प्लान जेल से बना सरदार राव साल 2010 से 2014 तक जुराठड़ा के सरपंच रहे थे। इस ग्राम पंचायत में बराल, जुराठड़ा और दुल्हेपुरा गांव आते थे। 2015 में जब चुनाव हुए तो सरदार राव चुनाव हार गए थे। इसके बाद सरकारी टीचर हरदेवाराम का बेटा संदीप सरपंच बना था।
सरकारी नौकरी लगने पर संदीप ने सरपंच पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में उप चुनाव सितंबर महीने में होना प्रस्तावित था। सरदार राव को दमदार प्रत्याशी माना जा रहा था।
वहीं हरदेवाराम भी अपने परिवार के सदस्यों को चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। लेकिन उसे हार का डर था। इसके बाद उसने अजमेर जेल में बंद सुभाष मूंड (बराल) से फोन पर बात कर सरदार राव को मारने की सुपारी दी।
पुलिस जांच में सामने आया था कि बराल ने गैंगस्टर लॉरेंस से मदद मांगी थी। इसके बाद लॉरेंस के शूटर्स ने सरदार राव को गोलियों से भून दिया था। हरदेवाराम के खिलाफ भी रेप और पॉक्सो एक्ट के मामले चल रहे थे।

ऐसे दिया था वारदात को अंजाम किराना की दुकान पर गोलियां दागी थी
23 अगस्त 2017 को जुराठड़ा के पूर्व सरपंच सरदार राव पलसाना कस्बे में नेकीराम की किराना की दुकान पर बैठे थे। दोपहर 12:40 से 12:45 के बीच एक स्विफ्ट डिजायर कार आकर दुकान के सामने रुकी। उसमें 3 बदमाश सवार थे। बदमाशों को पहले से भनक थी कि सरदार राव दुकान पर बैठे हैं।
उसमें से 2 युवक नीचे उतरे। दोनों दुकान में घुस गए। एक बदमाश ने रिवॉल्वर निकाली और काफी नजदीक से राव पर गोली चला दी। इसके बाद दूसरे आरोपी ने गोली मारी। फिर पहला बदमाश वापस घूमा और गोली मारी। करीब 10 सेंकेंड में राव पर गोलियां दागकर बदमाश भाग गए थे।

पूर्व सरपंच के पिता ने बराल पर जताया था शक घटना स्थल पर दुकानदार नेकीराम, धूड़ाराम, ताराचंद और कमलेश मौजूद था। 23 अगस्त को सरपंच के पिता हणमंत प्रसाद ने रानोली पुलिस थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में हरदेवाराम,अरुण कुमार और सुभाष बराल पर मर्डर करवाने का शक जताते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच की थी। जांच में गैंगस्टर लॉरेंस का हाथ होना भी सामने आया था। पता चला कि बराल ने लॉरेंस की मदद से पूर्व सरपंच की हत्या करवाई थी।
लॉरेंस विश्नोई समेत 14 को किया गिरफ्तार पुलिस ने मामले में सुपारी देने वाले हरदेवाराम, गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई, सुभाष मूंड उर्फ सुभाष बराल, ओमप्रकाश मूंड, सुनीत, भानुप्रताप, विजयपाल नागवा,शूटर अंकित व संपत नेहरा, शूटर भेजने वाला रविंद्र सिंह के अलावा मुकेश कुमार, कुलदीप उर्फ बोदू, नरेंद्र कुमार और यतेंद्रपाल को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया था। ऐसे में अब करीब 9 साल बाद कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाया है।





