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हत्यारों ने आखिरी वक्त पर बदली अपनी शादी की जगह:अब जयपुर में होगी; पहले अलवर में होने वाली थी, कार्ड भी छप चुके थे

राजस्थान में दो सबसे चर्चित हत्याकांड को अंजाम देने वाले कातिल आज शादी करने जा रहे हैं। दोनों ने आखिरी समय पर शादी की जगह को बदल दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों अब जयपुर के सांगानेर इलाके में शादी करेंगे। इससे पहले अलवर जिले के बड़ौदामेव में शादी करने वाले थे। इसका कार्ड भी सामने आया था।

दुल्हन प्रिया सेठ ने जयपुर में हनी ट्रैप में फंसाकर बॉयफ्रेंड को बेरहमी से मौत के घाट उतारा था। दूल्हे हनुमान प्रसाद उर्फ जैक ने अलवर में गर्लफ्रेंड और ताइक्वांडो प्लेयर के साथ मिलकर उसके पति व बच्चों को मार डाला था। दोनों जयपुर की ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। यहीं दोनों को प्यार हुआ। अब दोनों शादी के लिए पैरोल पर आए हैं।

बड़ौदामेव थाना प्रभारी मोहन सिंह का कहना है कि हनुमान प्रसाद पैरोल लेकर शादी करने आया है। इसके अलावा कोई निर्देश नहीं है। उनका परिवार भी यहां नहीं है।

यह शादी का कार्ड है, जिसमें शादी बड़ौदामेव में होना लिखा है। आखिरी समय पर वेडिंग वेन्यू बदलने की बात सामने आई है।
यह शादी का कार्ड है, जिसमें शादी बड़ौदामेव में होना लिखा है। आखिरी समय पर वेडिंग वेन्यू बदलने की बात सामने आई है।

घर पर सजावट, लेकिन परिवार गायब हनुमान प्रसाद बड़ौदामेव का रहने वाला है। उसके मकान पर सजावट है और लाइटिंग की गई है। दोनों की बड़ौदामेव में शादी होने वाली थी, लेकिन आज घर सूना पड़ा है। घर में केवल दो-तीन महिलाएं हैं।

उन्होंने भी बात करने से मना कर दिया। वहीं परिवार आज (शुक्रवार) सुबह गांव से निकल गया है। आस-पड़ोस में भी किसी को नहीं पता कि परिवार कहां गया है।

अब दोनों चर्चित मर्डर केस की कहानी

प्रिया सेठ : बॉयफ्रेंड को कमरे पर बुलाया, फिर मर्डर

पाली जिले के फालना की रहने वाली प्रिया सेठ के पिता अशोक सेठ सरकारी कॉलेज में लेक्चरर और मां टीचर थी। प्रिया ने 10वीं में 82 प्रतिशत और 12वीं में 78 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। माता-पिता ने प्रोफेसर बनने के लिए आगे पढ़ाई करने साल 2011 में जयपुर भेजा था।

प्रिया जयपुर आई, तब महज 20 साल की थी। इस बीच उसकी दोस्ती मुंबई में मॉडलिंग करने वाले श्रीगंगानगर के पदमपुर की इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले दीक्षांत कामरा से हो गई। दोनों जयपुर में लिव-इन में रहने लगे। दीक्षांत के पिता भी सरकारी टीचर थे।

प्रिया सेठ ने झोटवाड़ा के रहने वाले दुष्यंत शर्मा की हत्या की साजिश पूर्व प्रेमी दीक्षांत कामरा का कर्ज उतारने के लिए रची थी। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार प्रिया ने डेटिंग ऐप के जरिए दुष्यंत को अपने प्रेम जाल में फंसाया था। प्रिया के लिव-इन पार्टनर दीक्षांत कामरा पर काफी कर्ज था, जिसे उतारने के लिए उसने दीक्षांत कामरा के दोस्त लक्ष्य वालिया को भी मर्डर प्लान में शामिल कर लिया।

प्रिया सेठ, दीक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया से हुई पूछताछ में सामने आया था कि प्रिया सोशल मीडिया डेटिंग ऐप टिंडर पर एक्टिव थी। साल 2018 के फरवरी-मार्च महीने में उसका ऐप पर दुष्यंत से कॉन्टैक्ट हुआ था।

प्रिया सेठ ने दुष्यंत को फ्लैट में बुलाकर मारा था।
प्रिया सेठ ने दुष्यंत को फ्लैट में बुलाकर मारा था।

2 मई 2018 को उसने दुष्यंत को मिलने बुलाया। मुलाकात के बाद वह उसे बजाज नगर स्थित फ्लैट पर ले गई। जहां पहले से प्रिया का बॉयफ्रेंड दीक्षांत और उसका साथी लक्ष्य वालिया मौजूद था। फ्लैट पर पहुंचते ही तीनों ने दुष्यंत को बंधक बना लिया। उसके पिता रामेश्वर प्रसाद से 10 लाख रुपए फिरौती मांगी। पिता ने 3 लाख रुपए दुष्यंत के अकाउंट में जमा भी करा दिए। लेकिन पकड़े जाने के डर से तीनों ने दुष्यंत का गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

पहचान छुपाने के लिए उसके चेहरे पर चाकू से कई वार किए। इसके बाद तीनों ने दुष्यंत की बॉडी को सूटकेस में बंद कर आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया था।

वारदात के बाद दुष्यंत के पिता रामेश्वर प्रसाद ने प्रिया सहित अन्य के खिलाफ 3 मई 2018 को झोटवाड़ा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

आमेर थाना पुलिस को दुष्यंत का शव 3 मई की रात को मिला था। जांच के बाद पुलिस ने 4 मई को आरोपियों प्रिया, दीक्षांत और लक्ष्य को गिरफ्तार किया था।

पाली की रहने वाली प्रिया सेठ को घरवालों ने प्रोफेसर बनने के लिए जयपुर भेजा था।
पाली की रहने वाली प्रिया सेठ को घरवालों ने प्रोफेसर बनने के लिए जयपुर भेजा था।

प्रिया ने पुलिस को दिए बयानों में इस बात को स्वीकार किया था कि वह अपने महंगे खर्चों को पूरा करने के लिए डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को फंसाती थी। उनको ब्लैकमेल करके रुपए मांगती थी।

दुष्यंत शर्मा हत्याकांड मामले में जयपुर के डीजे कोर्ट ने 24 नवंबर 2023 को प्रिया सेठ, दीक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

हनुमान प्रसाद : शादीशुदा गर्लफ्रेंड के पति-बच्चों सहित 5 का बेरहमी से कत्ल हनुमान प्रसाद अलवर के जिस हत्याकांड का दोषी है, वह मामला 2 अक्टूबर, 2017 की रात का है। पुलिस को 3 अक्टूबर 2017 की सुबह 6 बजे अलवर शहर के शिवाजी पार्क थाने में मर्डर की सूचना मिली थी।

एक ही रात में ताइक्वांडो प्लेयर संतोष शर्मा के पति बनवारी लाल सहित परिवार के 5 जनों का जानवर काटने वाले चाकू से मर्डर हुआ, जिनमें 4 बच्चे भी थे। बनवारी लाल शर्मा (45), उसके तीन बेटों मोहित (17), हैप्पी (15), अज्जू (12) व भतीजे निक्की (10) की हत्या कर दी गई।

पुलिस जांच में पता चला कि तीन हत्यारों ने नींद की गोलियों से छाई बेहोशी का फायदा उठाकर पहले चाकू से पांचों का गला काटा। फिर शरीर पर चाकू के इतने वार किए कि बचने की कोई उम्मीद न रहे। लाशें इतनी लहूलुहान थी कि बिस्तर तक खून सन गए थे।

संतोष शर्मा और बनवारी लाल 15 साल से शादीशुदा थे। बनवारी लाल अलवर के एमआईए स्थित एक फैक्ट्री में ऑपरेटर का काम करता था। पुलिस जांच में कॉल डिटेल के आधार पर पता चला कि संतोष और हनुमान प्रसाद के बीच अफेयर चल रहा था। संतोष हनुमान से 10 साल बड़ी थी।

पकड़े जाने के बाद हनुमान प्रसाद ने पुलिस को बताया कि वो उदयपुर में सीकर के एक दोस्त के साथ BPED की ट्रेनिंग कर रहा था। साल 2014 में एक टूर्नामेंट के दौरान उदयपुर में उसकी ताइक्वांडो कोच संतोष से दोस्ती हुई थी। हनुमान ने बताया कि संतोष के पति बनवारी और बेटे मोहित को उस पर शक हो गया था। इसके चलते उसने और संतोष ने अपने दो साथियों कपिल और दीपक की मदद से बनवारी और उसके तीन बेटों व एक भतीजे की हत्या कर दी।

संतोष ताइक्वांडो प्लेयर थी, ट्रेनिंग के दौरान उसकी हनुमान प्रसाद से नजदीकियां बढ़ गई थी।
संतोष ताइक्वांडो प्लेयर थी, ट्रेनिंग के दौरान उसकी हनुमान प्रसाद से नजदीकियां बढ़ गई थी।

पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन में जब हनुमान, संतोष और अन्य आरोपियों को आमने-सामने बैठाया तो धीरे-धीरे हत्याकांड की पूरी कहानी सामने आ गई। हत्या के लिए हनुमान ने 30 सितंबर 2017 को ऑनलाइन 1260 रुपए में जानवरों को काटने वाला छुरा मंगवाया था। छुरा करीब 31 सेमी लंबा और 4 सेमी चौड़ा था। मर्डर के समय दर्द से चीख नहीं निकले, इसके लिए नशीली गोलियां भी हनुमान ने संतोष को लाकर दी थीं।

हनुमान प्रसाद 2 अक्टूबर की रात संतोष के घर पहुंचा था। संतोष ने सबसे पहले इशारे से बताया कि पति कहां सो रहा है। संतोष के इशारा करते ही हनुमान ने सबसे पहले पति बनवारी लाल का गला काटा। संतोष ये सब कुछ सीढ़ियों में खड़े होकर देख रही थी। इस दौरान बच्चे जाग गए। इस कारण बच्चों को भी चाकू से मार डाला। पांचों के शवों पर चाकुओं से दर्जनों वार किए।

हत्याकांड के बाद पकड़े गए तीनों आरोपी, सबसे मध्य में आरोपी हनुमान प्रसाद।
हत्याकांड के बाद पकड़े गए तीनों आरोपी, सबसे मध्य में आरोपी हनुमान प्रसाद।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर राजगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित मंदिर के पीछे एक खेत में गड्‌ढ़ा खोद कर छुपाए गए खून से सने दो चाकू व अन्य सामान भी बरामद कर लिए। वहीं, हनुमान के कमरे से खून से सने कपड़े और 7 मोबाइल भी जब्त किए। इस मामले में अलवर की अपर जिला और सेशन कोर्ट-2 ने संतोष और उसके प्रेमी हनुमान प्रसाद को उम्रकैद की सजा सुनाई।

संतोष की बहन बोली- उसे फांसी होनी चाहिए हनुमान प्रसाद की पूर्व प्रेमिका संतोष की बहन का कहना है कि संतोष ने उनके परिवार को खत्म कर दिया। संतोष और हनुमान, दोनों को फांसी होनी चाहिए। कोर्ट ने आजीवन कारावास देकर सही नहीं किया। अब उनको शादी करने की छूट देकर और गलत किया है। गांव के लोगों में भी गुस्सा है। उनका कहना है कि ऐसे अपराधियों को छूट देना गलत है। जिसने पूरे परिवार को खत्म कर दिया हो।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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