यमुनानगर जिले के गांव खंडवा के एक किसान को जयपुर स्थित श्री लाईफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर घर बैठे कमाई और सब-ब्रांच दिलाने का झांसा देकर राजस्थान के आरोपियों द्वारा 42 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
आरोपियों ने किसान को घर बैठे मोटी कमाई, बड़ा कमीशन, लग्जरी कार और हरियाणा में कंपनी की सब-ब्रांच का सपना दिखाकर जिस बिजनेस का लालच दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कंपनी के डायरेक्टर सहित छह के खिलाफ केस दर्ज किया है।
महिलाओं ने फोन पर दिया मोटी कमाई का लालच
शिकायतकर्ता सुरेन्द्र सिंह निवासी गांव खंडवा थाना यमुनानगर सिटी को दी शिकायत में बताया कि वह एक छोटा काश्तकार किसान है और रोजगार की तलाश में था। 18 नवंबर 2023 को उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसे क्लिक करने पर उसकी बातचीत माया और मंजू नामक महिला से हुई।
इन महिला ने उसे घर बैठे मोटी कमाई और बिजनेस का लालच दिया। इसके बाद उसकी बात सूरजमल कुमावत, राकेश कुमावत और मनोज कुमार कुमावत निवासी जयपुर से करवाई गई। आरोपियों ने खुद को श्री लाईफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नामक एक रजिस्टर्ड कंपनी का मैनेजमेंट बताया और कहा कि वे सेविंग अकाउंट, आरडी/एफडी जैसे वित्तीय काम करते हैं।

मोटा कमीशन और लग्जरी कारों का दिखाया सपना
आरोपियों ने दावा किया कि उनकी कंपनी में काम करने वालों को मोटा कमीशन, बड़ा मुनाफा और यहां तक कि लग्जरी कारें इनाम में दी जाती हैं। साथ ही शिकायतकर्ता को हरियाणा में कंपनी की सब-ब्रांच देने का भरोसा दिलाया गया।
झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने HDFC बैंक, यमुनानगर स्थित अपने खाते से 22 फरवरी 2024 को ₹37,800 और ₹10 की एंट्री आरोपियों के कहने पर करवाई। इसके बाद आरोपियों ने उसे Ultra Viewer सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया और उसके कंप्यूटर पर रिमोट एक्सेस लेकर लाइव ट्रेनिंग दी।
रकम निकालने पर सर्वर एरर आने लगा
27 फरवरी 2024 को ई-मुद्रा के जरिए एक एग्रीमेंट भी साइन करवाया गया, जिसमें ₹48 हजार फीस और ₹5 हजार प्रतिमाह तय किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने कंपनी की वेबसाइट पर लॉगिन कर अपने जानकारों के चार सेविंग अकाउंट खुलवाए, जिनमें करीब ₹2 लाख का लेन-देन हुआ।
इसी दौरान एक खाताधारक ने जमीन के सौदे से जुड़े ₹55 लाख अपने खाते में RTGS के जरिए जमा कराए। जब शिकायतकर्ता ने ब्रांच खर्च के लिए सॉफ्टवेयर से पैसे निकालने की कोशिश की, तो बार-बार सर्वर एरर आने लगा। आरोपियों ने पहले सर्वर खराब होने, फिर दोबारा KYC कराने का बहाना बनाया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इससे शिकायतकर्ता को ठगी का शक हुआ।

बैंक में लगाया चैक हुआ बाउंस
बाद में आरोपी मनोज कुमावत ने बताया कि सूरजमल कुमावत को मुंबई पुलिस धोखाधड़ी के केस में गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बाद 07 अक्टूबर 2024 को मनोज कुमावत और गीता कुमावत ने शिकायतकर्ता से राजीनामा किया। आरोपियों ने ₹14.50 लाख लौटाए और शेष ₹41 लाख 98 हजार के चार चेक अलग-अलग तारीखों के दिए, लेकिन बैंक में लगाने पर सभी चेक बाउंस हो गए।
जब शिकायतकर्ता ने रकम मांगी, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि “हम ऐसे चेक रोज देते हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, ज्यादा बोले तो जान से मरवा देंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने श्री लाईफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजमेंट/डायरेक्टर सूरजमल कुमावत, राकेश कुमावत, मनोज कुमार कुमावत और कंपनी से जुड़ी एजेंट माया, मंजू व गीता सभी निवासी मिंदा रोड, बालाजी मार्केट, मंडा भीम सिंह, जिला जयपुर, राजस्थान के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।






