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विद्यालयों के जर्जर भवनों की चरणबद्ध होगी मरम्मत -शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों के जर्जर भवनों की मरम्मत चरणबद्ध रूप से कराएगी। साथ ही, भविष्य में विद्यालयों के नए भवनों के निर्माण कार्यों में उनकी निर्माण तिथि, मरम्मत तिथि एवं अंतिम उपयोग तिथि भी निर्धारित की जाएगी। इससे भवनों की समयबद्ध निगरानी सम्भव हो सकेगी और सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यकता पड़ने पर समय रहते ही उन्हें जमींदोज किया जा सकेगा।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की ओर से विद्यालय भवनों के निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता के संबंध में कोई ठोस एवं सकारात्मक कार्य नहीं किया गया। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि वर्तमान सरकार में पूर्ण जिम्मेदारी से कार्य होंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में 30 लाख रूपये से अधिक लागत वाले भवनों का सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से थर्ड पार्टी ऑडिट कराई जाती है। इससे कम लागत वाले भवनों की थर्ड पार्टी ऑडिट नहीं हो पाती। इस व्यवस्था में सुधार करते हुए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लिया है कि अब आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक कॉलेजों के माध्यम से विद्यालय भवनों की थर्ड पार्टी ऑडिट कराई जाएगी। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच सुनिश्चित हो सकेगी।

मंत्री दिलावर ने बताया कि भवनों को सीलन से सुरक्षित रखने के लिए वाटर प्रूफिंग कार्य, छतों की नियमित सफाई तथा भविष्य में निर्मित होने वाले भवनों में उचित ढलान सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जलभराव की समस्या न हो।

शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य संदीप शर्मा द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा भवन के जर्जर होने की जानकारी सीबीईओ से डीईओ को भेजी जाती है। इसके बाद डीईओ एवं अन्य सदस्यों की समिति द्वारा विद्यालय का निरीक्षण कर भवन को जर्जर घोषित किया जाता है। जर्जर घोषित होने के बाद अधिकतम एक माह के भीतर भवन को जमींदोज करने की प्रक्रिया निर्धारित की जाती है।

मंत्री दिलावर ने जानकारी दी कि मरम्मत से बचे विद्यालय भवनों के संबंध में परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) को प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर केंद्र सरकार द्वारा 1 हजार करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। इस राशि से राज्य सरकार द्वारा विद्यालय भवनों की मरम्मत कराई जाएगी।

इससे पहले विधायक के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अगस्त, 2025 में सभी विद्यालयों के भवनों का सर्वे करवाया गया था। जिला कलक्टर के माध्यम से गठित तकनीकी दल के सर्वें अनुसार 3 हजार 768 स्कूल भवन जर्जर स्थिति में है, जिसका जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। इन चिन्हित में से 2 हजार 558 को जर्जर घोषित किया जा चुका है। शेष 1 हजार 210 भवनों को भी जर्जर घोषित किया जाना है। इन विद्यालयों को जमीदोज की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिसका विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।

मंत्री दिलावर ने जानकारी दी कि इस सर्वे के अनुसार 45 हजार 365 राजकीय विद्यालयों में से 41 हजार 178 विद्यालयों में वृहद मरम्मत की आवश्यकता है, जिसका जिलेवार विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा। राज्य मद (वर्ष 2025-26) अंतर्गत 2 हजार राजकीय विद्यालयों के लिए वृहद मरम्मत गतिविधि के लिए 17497.51 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। जिसका जिलेवार व विद्यालय के नाम सहित विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।

इसके अतिरिक्त सभी जिला कलक्टर द्वारा बाढ़/अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों के लिए एसडीआरएफ में 20 हजार 383 विद्यालयों की मरम्मत के कार्य स्वीकृत है, जिसका जिलेवार विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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