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टीचर्स से परेशान छात्रा ने जहर खाया:सुसाइड नोट में लिखा- मुझे वर्बली टॉर्चर करते हैं, यह लोग मेरा फ्यूचर बर्बाद कर रहे हैं

सॉरी मम्मी और भैया मैं आपकी उम्मीद पर सही साबित नहीं हो पाई…आई एम सॉरी कि मुझे यह करना पड़ रहा है। स्कूल में सब टीचर्स मुझे टॉर्चर करते हैं, अब मेरी अटेंडेंस कम है, इसलिए यह लोग मेरा फ्यूचर बर्बाद कर रहे हैं। मैं यह सब और नहीं झेल सकती।

ये बातें अजमेर में जहर खाने से पहले 10वीं क्लास की छात्रा ने लिखी है। बोर्ड की एग्जाम से पहले मां के मोबाइल पर स्कूल की ओर से भेजे गए नोटिस को पढ़ने के बाद छात्रा ने यह कदम उठाया। परिजन आनन-फानन में छात्रा को तुरंत एंबुलेंस से जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जहां छात्रा का आईसीयू में उपचार जारी है।

मामला मंगलवार करीब 12:30 बजे का है। घटना के समय छात्रा की मां और भाई खेत में काम करने गए थे। जब बड़ा भाई घर पहुंचा तो उसने बहन की हालत देखकर जोर से चिल्लाया, जिसकी आवाज सुनकर अन्य परिवार के लोग इकट्ठा हो गए। तब मामले का पता चला।

एडमिट कार्ड के लिए 4 दिन से स्कूल के लगा रहे थे चक्कर छात्रा की मां ने बताया कि मेरी बेटी निजी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। जनवरी में प्री बोर्ड एग्जाम होने के बाद पीटीएम हुई थी। जिसमें टीचर्स ने उसकी 60% अटेंडेंस बताई थी। लेकिन करीब 4-5 दिन पहले बेटी की 50% अटेंडेंस बताकर एडमिट कार्ड नहीं देने का बोलकर नोटिस भेज दिया। इसे लेकर हम लोग करीब चार दिन से स्कूल के चक्कर भी लगा रहे थे।

नोटिस पढ़ने के बाद पिया विषाक्त पदार्थ मां ने बताया कि मंगलवार को भी स्कूल की तरफ से एक वॉट्सएप ग्रुप पर उपस्थिति कम होने पर एडमिट कार्ड नहीं देने का नोटिस भेजा था। जिसे बेटी ने पढ़ लिया। वह जब घर के पास स्थित फार्म पर काम करने गई थी तो पीछे से बेटी ने जहर खा लिया था। बेटा जब घर पर पहुंचा तो बेटी अचेत अवस्था में थी।

बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनकर मैं घर पहुंची और उसे एम्बुलेंस से जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां बेटी का उपचार जारी है।

स्कूल पर परेशान करने का लगाया आरोप मां ने बताया कि लगातार स्कूल के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद भी उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में भी उसे परेशान किया जा रहा था। टीचर्स ने अन्य बच्चों और उनके पेरेंट्स को बेटी से बात करने के लिए भी मना कर दिया। उसके दोस्तों और पेरेंट्स को उससे दूर रहने के लिए कहा जाता था।

मां ने आरोप लगाया कि टीचर्स ने उसके दोस्तों के पेरेंट्स को यह तक कह दिया कि लड़की की संगत ठीक नहीं है। आपके बच्चों के मार्क्स उसके कारण कम आ रहे हैं। जिसके कारण वह डिप्रेशन में आ गई।

जानिए, सुसाइड नोट में क्या लिखा

छात्रा ने सुसाइड की कोशिश से पहले एक पेज पर लिखा – सॉरी मम्मी और भैया मैं आपकी उम्मीद पर सही साबित नहीं हो पाई…आई एम सॉरी कि मुझे यह करना पड़ रहा है।क्योंकि मुझे स्कूल जाना अच्छा नहीं लगता था। वहां पर सब मुझे टॉर्चर करते थे, मेरे से कोई भी बात नहीं करता था और अगर कोई करता था उसको बोलते कि वह अच्छी लड़की नहीं है।

मेरी स्कूल और क्लास में सिर्फ एक दोस्त थी। उसके भी घर वालों को बुलाकर टीचर्स बोलते थे कि यह अच्छी लड़की नहीं और हमको बात भी नहीं करने देते हैं। मुझे नहीं पसंद अब स्कूल जाना। दसवीं स्टार्टिंग से ही सब टीचर्स मुझे वर्बली टॉर्चर करते थे और अब मेरी अटेंडेंस कम है, इसलिए यह लोग मेरा फ्यूचर बर्बाद कर रहे हैं। मैं यह सब और नहीं झेल सकती। मम्मी आई एम सॉरी मेरे सारे दोस्त मुझे चिढ़ाएंगे कि मुझसे दसवीं पास नहीं हुई, इसलिए मैं नहीं जीना चाहती। अपना ख्याल रखना और ध्यान रखना।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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