मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी पहल के तहत कृषकों, पशुपालकों एवं ग्रामीण नागरिकों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में प्रत्येक गिरदावर सर्किल स्तर पर ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।अबतक प्रदेश के 1512 गिरदावर सर्किलों में इन शिविरों का सफल आयोजन कर राज्य सरकार के 13 प्रमुख विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं सेवाओं को एक ही मंच पर आमजन तक पहुँचाया गया है।इन शिविरों में ग्रामीणों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदन-पत्र तैयार करवाने,पूर्व में दिये गए आवेदनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी,दस्तावेज़ सत्यापन एवं ऑन-द-स्पॉट मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।राज्य सरकार की मंशा है कि विकास की योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँचे।इसी क्रम में द्वितीय चरण के शेष ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन 5 से 9 फरवरी तक किया जा रहा है।
पशुपालकों को मिला बड़ा लाभ
शिविरों के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत अब तक 92 हजार पशुओं का पंजीकरण कर स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र जारी किए गए। इसके साथ ही क्लासिकल स्वाइन फीवर से बचाव हेतु 77 हजार से अधिक टीके, 5,352 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, 26,400 से अधिक फर्टिलिटी किट का वितरण तथा 5 लाख 11 हजार पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधि पिलाई गई।
कृषकों के लिए बहुआयामी सहयोग
कृषि,उद्यानिकी एवं कृषि विपणन विभाग द्वारा 6 लाख 37 हजार से अधिक किसानों को एमएसपी की जानकारी दी गई,वहीं 7 लाख 42 हजार कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से अवगत कराया गया।
इसके अतिरिक्त 98 हजार से अधिक सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए, 2,800 से अधिक ग्राम पंचायतों में पॉलीहाउस हेतु आवेदन तैयार किए गए तथा 2,923 किसानों के मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायतार्थ योजनान्तर्गत प्रकरणों का निस्तारण किया गया।बस स्टैंड पर यात्री विश्राम सुविधा से वंचित ग्राम पंचायतों में 2,938 किसान विश्राम स्थलों के निर्माण प्रस्ताव भी तैयार किए गए।
सहकारिता एवं ग्रामीण विकास को मजबूती
सहकारिता विभाग द्वारा 29,800 से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त किए गए तथा 3 लाख 77 हजार से अधिक किसानों को सहकारी ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई।इसके साथ ही 2,443 नए कस्टम हायरिंग सेंटर, 565 प्रोविजनल डेयरी सहकारी समितियों,513 डेयरी सहकारी समितियों का पंजीयन एवं 683 सरस बूथों का आवंटन किया गया।
ग्रामीण विकास योजनाओं के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना में 31 हजार से अधिक सर्वे,55,800 से अधिक स्वामित्व कार्डों का वितरण, 1008 अनुपयोगी विद्यालय भवनों में ग्राम पंचायत कार्यालय प्रारंभ किए गए।इसके अलावा 3,857 वाटर यूजर एसोसिएशन सक्रिय की गईं, 14,737 युवा स्वरोजगार आवेदन, 14,430 फार्मर रजिस्ट्री,28,908 पीएम सूर्य घर योजना एवं 1,469 भू-खसरा विभाजन के आवेदन प्राप्त किए गए।

एक ही स्थान पर 13 विभागों की सेवाएं
ग्राम उत्थान शिविरों में कृषि, उद्यानिकी,कृषि विपणन, सहकारिता,पशुपालन,डेयरी,मत्स्य, ग्रामीण विकास,पंचायती राज,जल संसाधन,उद्योग,ऊर्जा एवं राजस्व विभाग की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
जनभागीदारी और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
अब तक आयोजित शिविरों में 13 लाख 91 हजार से अधिक कृषकों, पशुपालकों,ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की, जिनमें 15,876 जनप्रतिनिधि शामिल हैं।महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए 4 लाख 12 हजार से अधिक महिलाएं तथा 9 लाख 17 हजार से अधिक पुरुष शिविरों में उपस्थित होकर योजनाओं की जानकारी व लाभ प्राप्त कर चुके हैं।
समयबद्ध और पारदर्शी समाधान
ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से आवेदन प्राप्ति,लंबित प्रकरणों की समीक्षा,पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण,प्रमाण-पत्र जारी करना, स्वास्थ्य व पशुपालन सेवाएं, सहकारी ऋण एवं बीमा प्रक्रियाएं तथा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार सभी आवेदनों का समयबद्ध,पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कर योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण नागरिकों तक पहुँचाया जा रहा है।प्रदेशभर में ये शिविर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं, जो ग्रामीण विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाते हैं।






