राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान बुधवार को भाजपा विधायक गोपाल शर्मा के आरोपों पर सदन में माहौल गरम हो गया। गोपाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकार के दो राज्य मंत्री पेपरलीक में जेल जाने चाहिए, डीजीपी ने फाइल देखते ही कहा था ये दो राज्य मंत्री जेल जाने चाहिए। कांग्रेस राज में भ्रष्टाचार,पेपरलीक आम बात थी।
विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के राज में एक पूर्व मंत्री तो दूसरे की पत्नी को अपनी पत्नी बताकर विदेश यात्रा तक पर ले गए थे। शांति धारीवाल सहित वरिष्ठ नेताओं को पता है वो पूर्व मंत्री कौन थे?
गोपाल शर्मा ने कांग्रेस के कुछ पूर्व मंत्रियों के नाम गिनाए, जिस पर नेता प्रतपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति करते हुए कहा कि जो सदन का सदस्य नहीं है, उस पर चर्चा नहीं कर सकते। इस पर सभापति संदीप शर्मा ने कहा कि अगर किसी का नाम लिया है तो उसे सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाएगा।

मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी सवालों में विपक्ष से उलझ गए विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राजस्व मंत्री के बाद यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी सवालों में विपक्ष से उलझ गए। इस दौरान सदन में मंत्रियों और विपक्ष के बीच नोकझोंक और हंगामा हुआ।
विवाद की शुरुआत आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग के सवाल से हुई। गर्ग ने भरतपुर में आवासहीन परिवारों की संख्या और पीएम आवास योजना के पात्र परिवारों पर सवाल पूछा था।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट सुभाष गर्ग ने कहा कि पहले आवासहीन परिवारों की संख्या बताइए। मंत्री पीएम आवास योजना की पात्रता की शर्तें बताने लगे।
गर्ग ने आपत्ति करते हुए कहा- होमलेस पॉलिसी-2022 में आवसहीन परिवारों के सर्वे करने का प्रावधान है या नहीं। मैंने तो इस पर जवाब मांगा था। मैं तो हां-ना में जवाब मांग रहा हूं।
विधानसभा में कार्यवाही की PHOTOS….









