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अजमेर में डॉक्टर्स-पुलिस ने मिलकर फर्जी MLC रिपोर्ट बनाई:पीड़ित का आरोप- अजमेर में भर्ती था, लेकिन रिपोर्ट नसीराबाद में बनी, मामला दर्ज

नसीराबाद (अजमेर) के सरकारी अस्पताल के 2 डॉक्टरों और 2 पुलिस अधिकारियों पर फर्जी मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) रिपोर्ट बनाने का आरोप लगा है। यह मामला मारपीट के केस से जुड़ा है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों को फायदा पहुंचाने और केस को कमजोर करने के लिए यह फर्जी रिपोर्ट बनाई गई।

पीड़ित गिरीश गोविंदानी का कहा- घटना के बाद अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन उनकी एमएलसी रिपोर्ट नसीराबाद में बनाई गई।

नागौरी मोहल्ला निवासी गिरीश गोविंदानी ने राजकीय अस्पताल के तत्कालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित डिडवानिया, तत्कालीन प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ), सिटी थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी घनश्याम मीणा और एएसआई अर्जुन सिंह को आरोप लगाया है।

सिटी थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन अधिकारियों पर मिलीभगत कर आरोपियों को बचाने के लिए फर्जी एमएलसी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है।

2 अप्रैल 2024 में हुई थी मारपीट गिरीश गोविंदानी ने बताया कि 2 अप्रैल 2024 को उनके साथ मारपीट की गंभीर वारदात हुई थी, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और उनकी माता लक्ष्मी देवी भी घायल हुई थीं। मारपीट की घटना के बाद सिटी थाना पुलिस उन्हें सुबह 9 बजे राजकीय अस्पताल लेकर गई थी। अस्पताल में उनके गंभीर घाव पर टांके लगाने के बाद, उनकी चोटों और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद गंभीर अवस्था में नसीराबाद से सुबह 9:55 बजे उन्हें जवाहर लाल नेहरू अस्पताल, अजमेर के लिए रेफर कर दिया गया था। जिसके बाद उन्हें सुबह 10:47 बजे जेएलएन अस्पताल, अजमेर में भर्ती किया गया था।

फर्जी एमएलसी रिपोर्ट बनाने का आरोप

गिरीश गोविंदानी का आरोप है कि 2 अप्रैल को आरोपी चिकित्सा अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने मिलीभगत कर दोपहर 12:22 बजे उनके नाम से एमएलसी रिपोर्ट तैयार की, तथा उनकी माता लक्ष्मी देवी की एमएलसी रिपोर्ट 3 अप्रैल को तैयार की गई। जबकि नसीराबाद अस्पताल में एमएलसी रिपोर्ट बनाने के समय दोपहर 12:22 बजे वह जेएलएन अस्पताल, अजमेर में भर्ती थे और उनका उपचार वहां किया जा रहा था।

गोविंदानी का आरोप है कि चिकित्सा अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों ने जानबूझकर चोटों का अपूर्ण, गलत और वास्तविकता से विपरीत विवरण एमएलसी रिपोर्ट में अंकित किया। आरोपियों ने जेएलएन अस्पताल में हुई जांचों (एक्सरे, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, ईसीजी आदि) को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए, उनके अजमेर अस्पताल में भर्ती रहते नसीराबाद अस्पताल में उनकी एमएलसी रिपोर्ट बनाई गई। ऐसा नामजद आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और केस को कमजोर करने की नीयत से किया गया। सिटी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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