अजमेर में एक बुजुर्ग दंपती ने गोद लिए बच्चे को गोद मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने बच्चे को बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन या अन्य राजकीय संस्थाओं में भेजने के लिए कहा है।
इसके बाद पुलिस ने गोद संबंधी कानूनी डॉक्यूमेंट्स लाने के लिए कहा और लौटा दिया। पुलिस ने जिले की बाल संरक्षण समिति से इस केस पर राय ली।
वहां से जवाब मिला कि बच्चे को किसी रिश्तेदार से गोद लिया है, इसके लिए कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। अब बच्चे के भविष्य को देखते हुए उसे वापस नहीं लिया जा सकता।
मां-बाप ने बच्चे पर लगाए आरोप
सिविल लाइंस थाने की एसआई भारती ने बताया कि बुधवार शाम को बुजुर्ग पति-पत्नी आए थे। उनका कहना था कि करीब 2 साल पहले उन्होंने अपने रिश्तेदार से बच्चे को गोद लिया था।
तब उसकी उम्र करीब 12 साल थी। अब वह 14 साल का हो गया है, लेकिन वह अग्रेसिव है और मारपीट करता है। इसलिए उसे वापस देना चाहते हैं।
जिस रिश्तेदार से गोद लिया था, वे बच्चे को वापस नहीं लेना चाहते हैं। ऐसे में बाल कल्याण समिति के जरिेए बच्चे को वापस दिलाया जाए।
बच्चा कपल के साथ ही रहना चाहता है- अध्यक्ष
एसआई के अनुसार कपल के पास लीगल गोदनामा नहीं था, ऐसे में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष से बात की गई थी। उन्होंने कहा था कि गोदनामा संबंधी डॉक्यूमेंट्स नहीं होने पर बच्चा वापस नहीं लिया जा सकता है।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अंजली शर्मा ने कहा कि सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट भी तैयार कराई गई थी। बच्चे से बात की गई थी, लेकिन वह दंपती के साथ ही रहना चाहता है।






