Home » राजस्थान » केंद्रीय मंत्री बोले-पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा सिंधु का पानी:केंद्र ने तैयार की डीपीआर; राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब को मिलेगा फायदा

केंद्रीय मंत्री बोले-पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा सिंधु का पानी:केंद्र ने तैयार की डीपीआर; राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब को मिलेगा फायदा

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा- सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा। पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोककर भारत के हित में उपयोग किया जाएगा। इस पानी का लाभ हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को मिलेगा।

उन्होंने कहा- इसे लेकर केंद्र सरकार की ओर से कार्य योजना तैयार की जा रही है। पाकिस्तान जाने वाले पानी को डायवर्ट करने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। हालांकि, जो पानी मजबूरी में छोड़ा जाता है, उस पर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया।

पाटिल ने यह भी बताया कि यमुना जल परियोजना पर काम तेज किया जाएगा, ताकि पानी के बेहतर प्रबंधन और उपयोग से राज्यों को ज्यादा लाभ मिल सके। केंद्रीय मंत्री ने शनिवार को जयपुर में बीजेपी मुख्यालय में मीडिया से ये बात कही।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के जयपुर पहुंचने पर डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने स्वागत किया।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के जयपुर पहुंचने पर डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने स्वागत किया।

12 सालों में स्थिर गति से आगे बढ़ी भारत की अर्थव्यवस्था देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा- पिछले 12 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ी है। सरकार ने महंगाई को नियंत्रण में रखा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर भी निशाना साधा।

पाटिल ने कहा- वे एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री होने के बावजूद अपने कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक रैंकिंग में 10–11वें स्थान से आगे नहीं ले जा सके, जबकि आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। कर सुधारों का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

यमुना जल परियोजना पर जल्द शुरू होगा काम यमुना जल परियोजना को लेकर केंद्रीय मंत्री पाटिल ने कहा- यमुना के पानी पर राजस्थान का अधिकार था, लेकिन पिछली सरकारों ने इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए। अब हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच डीपीआर तैयार करने पर सहमति बन चुकी है। जल्द ही इस परियोजना पर काम शुरू होगा।

उन्होंने बताया- पाइपलाइन के जरिए पानी लाने की इस योजना की अनुमानित लागत 77 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपए तक हो सकती है। फिलहाल सबसे कम पानी राजस्थान के पास है, लेकिन आने वाले समय में सबसे अधिक पानी राजस्थान के पास होगा। मुख्यमंत्री इस मुद्दे को लेकर लगातार केंद्र से संवाद कर रहे हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा- यमुना के पानी पर राजस्थान का अधिकार था, लेकिन पिछली सरकारों ने इसके लिए ठोस प्रयास नहीं किए।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा- यमुना के पानी पर राजस्थान का अधिकार था, लेकिन पिछली सरकारों ने इसके लिए ठोस प्रयास नहीं किए।

शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी केंद्रीय मंत्री ने बताया- राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के 3 जिलों को यमुना का पानी उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति दे दी है और अब डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा- सरप्लस पानी का हिस्सा राजस्थान को मिले, इसके लिए तकनीकी स्तर पर काम किया जा रहा है। संशोधित योजना की डीपीआर मंत्रालय को मिल चुकी है, उसका परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खेती और पेयजल के लिए जनता को पानी देने का उद्देश्य ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने के सवाल पर पाटिल ने कहा- यह फैसला केंद्रीय कैबिनेट स्तर पर होता है। उनका उद्देश्य यह है कि खेती और पेयजल के लिए जनता को पर्याप्त पानी मिले, चाहे निवेश किसी भी सरकार द्वारा किया जाए।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआरपाटिल के जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाए।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआरपाटिल के जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाए।

घर-घर पानी पहुंचाना राज्यों की जिम्मेदारी जल जीवन मिशन योजना पर केंद्रीय मंत्री ने कहा- घर-घर पानी पहुंचाना राज्यों की जिम्मेदारी है, लेकिन केंद्र सरकार ने पहली बार इस योजना के तहत राज्यों को 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी है। योजना से जुड़ी 4 हजार से अधिक शिकायतें सामने आई हैं। जांच के लिए 119 टीमें गठित की गई थी और दोषियों पर कार्रवाई की गई। राजस्थान में इस मामले में एक पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

प्रधानमंत्री की सीट को घेरना दुर्भाग्यपूर्ण लोकसभा में हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पाटिल ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- कांग्रेस की महिला सांसदों की तरफ से प्रधानमंत्री की सीट को घेरना दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकसभा प्रश्न और चर्चा का मंच है, जहां विरोध अपनी सीट पर खड़े होकर भी दर्ज कराया जा सकता है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS