अवैध रुप से चल रहे वाहनों की धरपकड और उनसे जुर्माना वसूलने की कार्रवाई में आरटीओ ने 10 बसों को सीज किया है।अवैध और बिना परमिट चल रहे वाहनों से 15 लाख रुपये की वसूली भी की गई है।आरटीओ ने यह कार्रवाई परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग सचिव सूची त्यागी,तथा आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभाग को आवंटित राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति करने हेतु कड़े निर्देश मिलने के बाद की। निर्देशों की अनुपालना में प्रादेशिक परिवहन अधिकारी,जयपुर द्वितीय द्वारा एक विशेष प्रवर्तन अभियान प्रारंभ किया गया।जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन विभाग की विशेष छापेमार अभियान के अंतर्गत आरटीओ जयपुर द्वितीय क्षेत्र में कुल 10 बसों को सीज किया गया। इनमें 7 बसें जयपुर द्वितीय क्षेत्र में,2 बसें जिला परिवहन कार्यालय शाहपुरा में तथा 1 बस जिला परिवहन कार्यालय कोटपुतली क्षेत्र में सीज की गई।सीज की गई बसों में 5 स्लीपर कोच बसें ऐसी पाई गई जिनमें गंभीर अनधिकृत परिवर्तन थे,जबकि शेष 5 यात्री बसें बिना वैध परमिट जयपुर से खाटू श्यामजी,रिंगस,सीकर, बीकानेर आदि मागों पर अवैध एवं
नियमविरुद्ध रूप से संचालित हो रही थीं। इन कार्रवाइयों से लगभग 15 लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति की संभावना है।अभियान की योजना अत्यंत गोपनीय एवं रणनीतिक रूप से तैयार की गई, ताकि नियमविरुद्ध संचालन करने वाले वाहन स्वामी पूर्व में इसकी भनक तक न पा सकें।इस संपूर्ण प्रवर्तन कार्रवाई की योजना परिवहन निरीक्षक राजेश कुमार चौधरी द्वारा तैयार की गई,जिसके तहत विभिन्न टीमों का गठन कर एक साथ अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई।जयपुर द्वितीय क्षेत्र में अभियान का नेतृत्व जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार शर्मा द्वारा किया गया तथा प्रवर्तन
कार्यवाही में परिवहन निरीक्षक मुकुंद राठौर,मुन्नालाल रावत,मुन्नालाल कुमावत,विजेंद्र जांगिड़,श्रीतंसुक टांक एवं श्रीचंद ढाका द्वारा सक्रिय भूमिका निभाई गई।
शाहपुरा में यह कार्रवाई जिला परिवहन अधिकारी यशपाल यादव तथा कोटपुतली में जिला परिवहन अधिकारी सुनील सैनी के नेतृत्व में संपन्न हुई। विशेष रूप से जयपुर में ऐसे वाहनों को भी सीज किया गया जिनका परमिट हीरापुरा बस टर्मिनल से था,परंतु वे निर्धारित टर्मिनल से न चलकर सिंधी कैंप से सीधे राष्ट्रीयकृत मार्गों पर अवैध रूप से संचालन कर रहे थे।इसके अतिरिक्त राष्ट्रीयकृत मागों पर बिना अनुमति सीधे संचालित किए जा रहे वाहनों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की गई।जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार शर्मा ने बताया कि सीज किए गए वाहनों के पूर्व संचालन की विस्तृत जांच की जाएगी,ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे कितने समय से इस प्रकार नियमविरुद्ध रूप से संचालित हो रहे थे। जांच में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार अतिरिक्त वसूली एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विशेष प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर एवं सख्ती के साथ जारी रहेगा।






