Poola Jada
Home » राजस्थान » पूर्व विधानसभा-प्रत्याशी ने इनकम-टैक्स अफसर बनकर गुजरात में डाली रेड:सूट-बूट में टेक्सटाइल मार्केट में घुसा, 30 लाख मांगे; फाइल पटकते ही खुला राज

पूर्व विधानसभा-प्रत्याशी ने इनकम-टैक्स अफसर बनकर गुजरात में डाली रेड:सूट-बूट में टेक्सटाइल मार्केट में घुसा, 30 लाख मांगे; फाइल पटकते ही खुला राज

सूट-बूट, टाई, ब्रांडेड चश्मा लगाकर और हाथ में आयकर विभाग की फाइलें लेकर एक शख्स सूरत (गुजरात) में टेक्सटाइल व्यापारी के छापा मारने पहुंच गया।

टैक्स में अनियमितता का हवाला देकर 30 लाख रुपए की मांग कर डाली। चार लाख में सौदा तय किया। ओवरएक्टिंग ने उसका भंडाफोड़ दिया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामला सूरत के वराछा थाना इलाके का है।

आरोपी राजस्थान के पाली जिले के बीजापुर का रहने वाला है। वह साल 2008 में बाली से राजस्थान विधानसभा का निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुका है। इसमें उसे 875 वोट मिले थे। तब बीजेपी के पुष्पेंद्र सिंह चुनाव जीते थे

आरोपी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर दुकान में घुसा और फाइलें जोर से पटकते हुए रौब झाड़ा। दुकानदार को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी।
आरोपी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर दुकान में घुसा और फाइलें जोर से पटकते हुए रौब झाड़ा। दुकानदार को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी।

ओवरएक्टिंग के कारण हुआ शक

वराछा थाने के सीआई आरबी गोजिया ने बताया- शनिवार को विजय सिंह (51) ने ग्लोबल टेक्सटाइल मार्केट की एक दुकान में घुसकर टैक्स अनियमितता का हवाला दिया। उसने 30 लाख रुपए की मांग की।

सौदेबाजी के बाद 4 लाख रुपए में मामला निपटाने पर सहमति बनी। हालांकि, उसकी ओवरएक्टिंग और बातचीत में खामियों के कारण व्यापारी को शक हुआ। उसने तुरंत वराछा पुलिस को सूचना दी।

व्यापारी ने बताया कि आरोपी ने दुकान में घुसते ही रौब दिखाना शुरू कर दिया था। वह फाइलें देखकर जोर से मेज पर पटकता और ऊंची आवाज में बोलकर दबाव बना रहा था। आरोपी ने पैसे लेने के लिए ब्लीस होटल को ठिकाना बनाया।

इधर, व्यापारी की सूचना पर पुलिस ने ब्लीस होटल में जाल बिछाया और आरोपी विजय सिंह चौहान को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी को पुलिस ने होटल में दबिश देकर गिरफ्तार किया।
आरोपी को पुलिस ने होटल में दबिश देकर गिरफ्तार किया।

पाली में लोगों के इनकम टैक्स रिटर्न भरता था

सीआई ने बताया- आरोपी विजय सिंह चौहान 5-6 दिन पहले राजस्थान से अपने किसी रिश्तेदार के घर यहां आया था। आरोपी 1989 में ग्रेजुएट हुआ था। वह राजस्थान के पाली में लोगों से पैसे लेकर उनके इनकम टैक्स रिटर्न भरने का काम करता था। इसी वजह से उसे आयकर विभाग की कार्यप्रणाली, नोटिस और कार्रवाई की बारीक जानकारी थी। इसका उपयोग उसने ठगी के लिए किया।

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि टिप मिलने पर वह छापा मारने गया था, जिससे कुछ खर्चा निकल जाए।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि टिप मिलने पर वह छापा मारने गया था, जिससे कुछ खर्चा निकल जाए।

टिप मिलने के बाद छापा मारने पहुंचा था

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसको किसी ने टिप दी थी, जिसके बाद वह फर्जी इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बनकर गया था। उसने सोचा कि अगर सफल हो गया तो कुछ खर्चा निकल आएगा।

पूछताछ में उसने खुद को आयकर विभाग का ‘इन्फॉर्मर’ भी बताया है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

सूरत के डीसीपी आलोक कुमार ने बताया- रंगदारी का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उसने पहले कितने अन्य व्यापारियों को निशाना बनाया है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

Poola Jada

Top Headlines

पहले पति ने सुसाइड किया था,अब पत्नी ने दी जान:जहर खाने के बाद तबीयत बिगड़ने पर हॉस्पिटल लाए थे परिजन, पिता रक्षा मंत्रालय में कार्यरत

अलवर के सदर थाना क्षेत्र के केसरपुर गांव में 40 साल की महिला ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। वह