अलवर में रिटायरमेंट के 5 महीने पहले सुसाइड करने वाले सीनियर टीचर के मामले में 7 सरकारी टीचर्स पर FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि इन टीचर्स ने सीनियर टीचर को टॉर्चर किया। पुलिस को मौके से 4 पेज का 2000 शब्दों का सुसाइड नोट मिला था।
मामला अकरबरपुर के निर्भमपुरा गांव का रविवार शाम का है। जहां सीनियर टीचर बड्डन लाल बलाई (59) ने घर से 100 मीटर दूर बाड़े में फंदा लगा सुसाइड कर लिया। टीचर के पास सुसाइड नोट भी मिला था।
सुसाइड नोट में सीनियर टीचर ने स्कूल के प्रिंसिपल और टीचर्स पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। प्रिंसिपल सुनीता बाई, प्रिंसिपल गायत्री देवी, प्रिंसिपल एके मिश्रा, टीचर अनिल कुमार वर्मा, रोशन लाल यादव, प्रितेंद्र सिंह, सीमा गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

जिला अस्पताल में दो घंटे तक परिजनों का धरना
टीचर के परिजनों ने सोमवार सुबह जिला अस्पताल में दो घंटे तक धरना दिया और पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया। इस दौरान उन्होंने आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। जिसके बाद डीएसपी ग्रामीण शिवानी शर्मा मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश कर आश्वासन देकर धरना खत्म कराया।
टीचर ने 4 पेज में करीब 2000 शब्दों का लिखा था सुसाइड नोट
डीएसपी शिवानी शर्मा ने कहा कि टीचर ने 4 पेज में 2000 शब्दों का सुसाइड नोट लिखा था। सीनियर टीचर बड्डन लाल भलाई पिछले 25 सालों से राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल ढेहलावास में कार्यरत थे। जो 38 साल की सरकारी सेवा पूरी कर चुके थे। इसी साल 30 जून को रिटारयरमेंट था, लेकिन उसने 5 महीने पहले ही सुसाइड कर लिया।

बेटे की शादी से ठीक पहले आया था ब्रेन स्ट्रोक
मौके से मिले चार पेज के सुसाइड नोट में सीनियर टीचर ने लिखा कि वह पिछले 4-5 साल से मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो गया। बेटे की शादी से ठीक पहले ब्रेन स्ट्रोक आया था, जिससे शरीर का आधा हिस्सा पैरालाइज हो गया था, आंखों की रोशनी कम हो गई और मानसिक संतुलन भी प्रभावित हुआ।
सीनियर टीचर ने लिखा- इतनी गंभीरस्थिति के बावजूद उससे लगातार प्रशासनिक और शैक्षणिक काम कराए जाते रहे। उनके पास निशुल्क किताबें बांटने, वर्क बुक, लाइब्रेरी, कक्षा 1 से 12वीं तक का चार्ज और PEEO नोडल के तहत आठ स्कूलों का एक्स्ट्रा काम था। बार-बार कहने के बाद भी कोई भी टीचर उनका चार्ज लेने को तैयार नहीं हुआ।
शराब के नशे में गाली-गलौज करते थे कुछ टीचर
सुसाइड नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ टीचर शराब के नशे में गाली-गलौज करते थे और धमकियां देते थे। कहते थे- हमारी पहुंच ऊपर तक है, तेरी नौकरी खा जाएंगे, रिटायरमेंट नहीं लेने देंगे।
सीनियर टीचर ने आगे लिखा कि उन्होंने इस संबंध में प्रिंसिपल को भी बताया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और जैसे भी हो काम करो कहकर टाल दिया गया।





