राजसमंद| द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली में रविवार को श्रीनाथजी पाटोत्सव के तहत राल के दर्शन हुए। ठाकुरजी के मंगला के दर्शन दर्शन सुबह सवा सात बजे खुले। इसके बाद श्रृंगार के दर्शन 8:45 बजे खुले। शृंगार में प्रभु के मस्तक केसरी छोटे कुल्हे, केसरी चाकदार वागा, लाल ठाडे वस्त्र, वनमाला धारण करवाए। ग्वाल के दर्शन नहीं खुले। राजभोग दर्शन से पूर्व आध्यात्मिक रूप से श्रीनाथजी को द्वारकाधीश कांकरोली घर पधारने के लिए शंखनाद शंखों द्वारा गर्जना कर आने का आह्वान किया। परम्परानुसार पूजा अर्चना की गई। राजभोग के दर्शन सुबह पौने 12 बजे खुले, प्रभु के स्वरुप और पीछे के सफेद वस्त्रों पर रंग बिरंगी गुलाल से खिलाया और गुलाब जल एवं अंतर फुलेल जलभर कर श्रद्धालुओं पर पिचकारियों से बौछार की गई। इसके बाद महाराज ने रंग बिरंगी गुलालों से श्रद्धालुओं पर गुलाल उड़ाई।
श्रद्धालुओं पर रंग बिरंगी गुलालों की बौछार की, रसिया गान किया… कानतिवारी में बृजवासी युवाओं ने ढफली की थाप पर बृजवासी रसियागान कर प्रभु और वैष्णव जनों को रसियागान के माध्यम से भावविभोर कर दिया। भोग और आरती के दर्शन एक साथ खुले। शयन के दर्शन में ठाकुरजी के रतन चौक में सम्मुख प्रतीकात्मक राल उड़ाई। इसके बाद दो मसालची मशालें लेकर गोवर्धन चौक में लाए। जहां मुखिया और सहायक मुखिया ने मशालों पर राल डाल कर राल उड़ाई, शयन के दर्शन में बाल गोपाल ने ठाकुरजी के सम्मुख नृत्य किया। श्रद्धालुओं पर रंग बिरंगी गुलालों की बौछार की। बृजवासी युवाओं ने खूब रसिया गान किया।






