जयपुर विकास प्राधिकरण के संबंधित जोन-9 जगतपुरा स्थित भुखण्ड संख्या 17-18 चाणक्यपुरी विस्तार में नोटिस जारी किए जाने के बाद भी अवैध निर्माण कार्य खुलेआम जारी है गौरतलब है कि दो भुखण्डों को बिना पूर्नगठन के बिल्डिंग बनाकर प्रशासन को निर्माणकर्ता ठेंगा दिखा रहे हैं
यह साफ संकेत है कि या तो जेडीए की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है या फिर उच्चाधिकारी को सही रिपोर्ट पेश न करना।
सुत्रों के मुताबिक बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो निर्माण रोका गया और न ही कोई सख्त कदम उठाया गया सुत्रों के मुताबिक नोटिस जारी होने के बाद भी मौके पर मजदूर,सीमेंट-सरिया और मशीनें लगातार काम करती नजर आ रही हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं और जेडीए की साख सवालों के घेरे में है।
अब सवाल यह है कि
क्या जेडीए सिर्फ नोटिस बांटने तक सीमित रह गया है?
अवैध निर्माण को किसका संरक्षण मिल रहा है?
आखिर उक्त निर्माण पर कब होगी ठोस कार्रवाई?
जेडीए जोन-9 के क्षेत्र में तीन भूखण्डों को मिलाकर धड़ल्ले से अवैध निर्माण,नियमों की खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियां
आपको बतादे जेडीए जोन-9 के क्षेत्राधिकार स्थित चाणक्यपुरी विस्तार में तीन भुखण्डो(63,64,65) तीन अलग-अलग भूखण्डों को एकीकरण कर अवैध निर्माण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।संबंधित निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे एवं आवश्यक अनुमति के किया जा रहा है,जिससे जेडीए नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार निर्माणकर्ता द्वारा पहले तीन अलग भूखण्ड खरीदे गए,फिर उन्हें एकीकृत कर लगभग छःविलाओं का निर्माण शुरू कर दिया गया।गौरतलब है कि निर्माण कार्य लगातार जारी है,जबकि नियमानुसार प्रत्येक भूखण्ड पर अलग-अलग नक्शा स्वीकृति आवश्यक होती है।
सूत्रों का कहना है कि इस अवैध निर्माण में सेटबैक और पार्किंग जैसे जरूरी प्रावधानों की भी अनदेखी की गई है।इससे न केवल भविष्य में आसपास के रहवासियों को परेशानी होगी,बल्कि खरीददारो को भी आने वाली समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
सुत्रों की मानें तो स्थानीय लोगों ने कई बार जेडीए अधिकारियों से शिकायत की,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
संबंधित अवैध निर्माण को तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए,ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लग सके।




