डिजिटल उपकरणों की मांग: आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में नवनियुक्त आईटीओ और इंस्पेक्टर्स को नए लैपटॉप प्रदान करना और पुराने लैपटॉप को बदलना शामिल है।
वेतन और पेंशन का मुद्दा: 8वें वेतन आयोग से पहले 50 प्रतिशत डीए को मूल वेतन में मर्ज करने और नई पेंशन प्रणाली को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की पुरजोर मांग की गई।
प्रमोशन में ठहराव: सभी संवर्गों में पदोन्नति के ठहराव को दूर करने के लिए कैडर समीक्षा और पुनर्गठन प्रस्ताव को शीघ्र लागू करने की मांग रखी गई।
समय-सीमा का विरोध: जांच और स्क्रूटनी निपटान के लिए थोपी गई कृत्रिम समय-सीमाओं को तत्काल समाप्त करने की बात कही गई।
प्रमुख मांगें: कैडर रिव्यू से लेकर वरिष्ठता सूची तक
जेसीए जोधपुर इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि विभाग में लंबे समय से पदोन्नतियां अटकी हुई है। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2025 और 2026 के लिए एसीआईटी पदोन्नति के लिए डीपीसी प्रस्ताव तत्काल यूपीएससी को भेजे जाएं और आयकर अधिकारियों की अखिल भारतीय अंतर-से वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप दिया जाए।
इसके अलावा, अंतर-प्रभार स्थानांतरण नीति को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप पुनः बहाल करने और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
धरना प्रदर्शन के दौरान आयकर गजेटेड अधिकारी संघ के क्षेत्रीय सचिव सुनील वैष्णव, आयकर कर्मचारी फेडरेशन के अतिरिक्त सचिव किस्तुर चंद जाखड़ सहित शेख अली अहमद, आर.के. सुथार, नरेन्द्र सांखला, अशोक सोलंकी, गौतम सामरिया, जितेन्द्र सिंह शेखावत, कमलेश सिरवी, अभिषेक अरोड़ा, पूना राम प्रजापति और अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द ही इन न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के कारण कार्यालय का कामकाज दोपहर तक आंशिक रूप से प्रभावित रहा।





