कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में किसानों को मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वितरण तथा गुणवत्ता से संबंधित शिकायत प्राप्त होने पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि इस वर्ष राज्य में यूरिया की मांग के मुकाबले 3 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया उपलब्ध कराया गया है।
कृषि मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक इन्द्रा द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की वितरण व्यवस्था और गुणवत्ता से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर विभागीय स्तर पर जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय ऐसी शिकायतों पर अपेक्षित गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किसानों के हितों की रक्षा के लिए सतत प्रयासरत है।
कृषि मंत्री ने बताया कि उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा बड़े स्तर कार्यवाहियां की गई हैं। इसके अंतर्गत 11 हजार 938 निरीक्षण किए गए। अनियमितताओं के विरुद्ध 107 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 605 प्रकरणों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा 178 लाइसेंस निलंबित किए गए, 46 लाइसेंस निरस्त किए गए तथा 28 मामलों में पुलिस द्वारा गिरफ्तारियां की गईं। वहीं 16 प्रकरणों में न्यायालय में चालान पेश किए गए, 21 मामलों में न्यायालय से अग्रिम जमानत ली गई और 27 उर्वरक निर्माण फैक्ट्रियों को सील करने की कार्रवाई भी की गई।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कृषि मंत्री ने बताया कि कृषकों को फसल सीजन के दौरान मांग अनुसार उर्वरकों की उपलब्धता करवायी गई है। राज्य में वर्ष 2025-26 के दौरान माह जनवरी 2026 तक की 24.43 लाख मीट्रिक टन मांग के विरुद्ध 27.93 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार 8.33 लाख मीट्रिक टन की मांग के विरुद्ध 8.30 लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त डीएपी के वैकल्पिक उर्वरक एनपीके 2.57 लाख मीट्रिक टन एवं सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) 4.56 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता करवायी गई है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की आपूर्ति निरन्तर जारी है।
डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार द्वारा गत वर्षों में हुई खपत, उपलब्ध स्टॉक एवं बुवाई क्षेत्रफल के आधार पर उर्वरकों की मांग का आकलन तैयार कर खरीफ एवं रबी मौसम पूर्व कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग, भारत सरकार को प्रस्तुत किया जाता है। राज्य से प्राप्त उर्वरकों की मांग का केंद्र सरकार द्वारा विश्लेषण किया जाकर राज्य की उर्वरकों की मांग का अनुमोदन किया जाता है। अनुमोदन उपरान्त भारत सरकार द्वारा उर्वरकों का मासिक आवंटन किया जाकर आपूर्तिकर्ता कम्पनियों से उर्वरकों की आपूर्ति करवाई जाती है।
उन्होंने बताया कि खरीफ व रबी फसल सीजन के दौरान जिलों में मांग अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति हेतु विभिन्न आपूर्तिकर्ता फर्मों के मासिक आवंटन के अनुसार रेल रैक प्वाइन्ट के माध्यम से आपूर्ति करवाई जाती है एवं क्षेत्र विशेष में मांग प्राप्त होने पर तत्काल उर्वरक आपूर्तिकर्ताओं व जिला अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सडक मार्ग से भी उर्वरकों की आपूर्ति करवाई जाती है। आयातित एवं स्वदेशी उर्वरकों की आपूर्ति रेल मार्ग द्वारा कार्यशील रैक प्वाइन्ट पर करायी जाती है। इसके बाद मांग अनुसार जिलों को उर्वरकों की मात्रा का आवंटन कर अधिकृत उर्वरक प्राधिकार पत्रधारी निजी खुदरा विक्रेता एवं सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरकों का वितरण करवाया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा विकसित किये गये आईएफएमएस पोर्टल (इंटीग्रेटेड फर्टिलाईजर मैनेजमेन्ट सिस्टम) के माध्मय से उर्वरकों की मांग, आपूर्ति एवं वितरण का कार्य किया जा रहा है एवं पीओएस मशीन के माध्यम से कृषकों को उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं में विभिन्न खरीफ एवं रबी फसलों के प्रमाणीत बीज को राज्य व केन्द्र सरकार की बीज उत्पादक संस्थाओं के द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को फसल बुवाई से पूर्व अनुदानित दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री बीज स्वावलम्बन योजना व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन की समन्वित योजना, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन व बीज मिनिकिट कार्यक्रम के माध्यम से कृषकों को प्रमाणित बीज नि:शुल्क रूप से उपलब्ध करवाये जा रहे हैं।
उन्होंने सवाईमाधोपुर जिले में विगत दो वर्षों के दौरान खरीफ व रबी सीजन में कृषकों को आपूर्ति की गई खाद व बीज का विवरण सदन के पटल पर रखा और बताया कि फरवरी व मार्च 2026 में सवाईमाधोपुर जिले में अनुमानित 6 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 500 मीट्रिक टन डीएपी, 500 मीट्रिक टन एनपीके एवं 1000 मीट्रिक टन एसएसपी की आपूर्ति करवाया जाना प्रस्तावित है।
साथ ही उन्होंने कृषकों को वर्ष 2024-25 व 2025-26 में आपूर्तित खाद-बीज का विधानसभावार विवरण और वर्ष 2025-26 में निजी बीज विक्रेताओं के अतिरिक्त विभाग के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं में खरीफ एवं रबी फसलों के 4 लाख 37 हजार 263 क्विंटल आपूर्तित प्रमाणित बीज का विवरण सदन के पटल पर रखा।






