Home » राजस्थान » मोदी सरकार के नेतृत्व में राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में हुआ उल्लेखनीय कार्य:— मदन राठौड़

मोदी सरकार के नेतृत्व में राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में हुआ उल्लेखनीय कार्य:— मदन राठौड़

राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के नेतृत्व में गत वित्तीय वर्ष में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से संबंधित राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि निर्धारित एक लाख लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले देशभर में कुल 1,39,467 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 1389.61 करोड़ की राशि का ऋण वितरित किया गया। यह ऋण राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) के माध्यम से पात्र आवेदकों को प्रदान किया गया। इससे वंचित एवं पिछड़े वर्गों को स्वरोजगार स्थापित करने में सहायता मिली। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने सदन को दी।

सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि राज्यवार आंकड़ों के अनुसार केरल में सर्वाधिक 68,339 लाभार्थियों को 47,880.42 लाख का ऋण वितरित किया गया, जबकि तमिलनाडु में 24,971 लाभार्थियों को 18,974.47 लाख की राशि प्रदान की गई। कर्नाटक में 5,774 लाभार्थियों को 7,052.17 लाख, उत्तर प्रदेश में 6,106 लाभार्थियों को 9,286.15 लाख तथा राजस्थान में 1069 लाभार्थियों को 1,832.98 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया। इसके अतिरिक्त गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पंजाब और ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ।

सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। आवेदन जमा करने से लेकर ऋण स्वीकृति तक का औसत समय 2 से 4 सप्ताह रहा, जिससे लाभार्थियों को समयबद्ध सहायता प्राप्त हुई। राज्यवार औसत ओवरड्यू दर लगभग 30 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसे कम करने के लिए निरंतर निगरानी एवं पुनर्भुगतान संबंधी जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2024-25 में पीएम-सुरज पोर्टल के अंतर्गत अधिकतम 15 लाख तक के व्यावसायिक ऋणों का वितरण भी किया गया, जिससे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को विशेष प्रोत्साहन मिला है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सरकार की लक्षित वित्तीय योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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