अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए नागौर पुलिस ने खींवसर क्षेत्र में चल रहे माफियाओं के साम्राज्य को तहस-नहस कर दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के नेतृत्व में खींवसर पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रेमनगर की सरहद से करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की मशीनें और वाहन जब्त कर रखनन माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है।
एसपी कच्छावा ने बताया कि पुलिस टीम ने जब प्रेमनगर और बैरावास की सीमा पर दबिश दी तो वहां अवैध खनन का बड़ा खेल चल रहा था। पुलिस ने मौके से पहाड़ों का सीना चीरने वाली 04 विशालकाय चैन माउंटेड एलएनटी पोकलेन मशीनें, 03 जेसीबी, 04 भारी भरकम डम्पर और 03 ट्रैक्टर जब्त किए हैं। इसके अलावा माफियाओं द्वारा निगरानी में इस्तेमाल की जाने वाली 01 स्कॉर्पियो और 01 मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। कुल 16 वाहनों को भारी जाप्ते के साथ थाने लाकर खड़ा किया गया है।
9 आरोपी सलाखों के पीछे, कई जिलों से जुड़े हैं तार
पुलिस ने अवैध खनन में लिप्त 09 आरोपियों को धारा 170 BNSS के तहत गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी न केवल नागौर, बल्कि जोधपुर ग्रामीण, डीग, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा और ब्यावर जैसे अलग-अलग जिलों के निवासी हैं, गिरफ्तार आरोपियों में राधाकिशन, मदनलाल, जलीस, विष्णु, राजमल, नेमाराम, देवराजसिंह, शंकरसिंह और सुरेश कुमार चौधरी शामिल हैं।
इस पूरी कार्यवाही को सफल बनाने में खींवसर थानाधिकारी कन्हैयालाल और डीएसटी प्रभारी मुकेश कुमार की टीम का विशेष योगदान रहा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और वृत्ताधिकारी धरम पुनिया के सुपरविजन में टीम ने इतनी गोपनियता से दबिश दी कि माफियाओं को भागने का मौका तक नहीं मिला।
एसपी कच्छावा ने साफ कर दिया है कि नागौर की धरती पर अवैध खनन और प्राकृतिक संसाधनों की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगो पर भी गाज गिर सकती है।






