उदयपुर में सोशल मीडिया पर राजनीतिक जंग अब पुलिस के दरवाजे तक पहुंच गई है। भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली को सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी देना कांग्रेस के पूर्व पार्षद को भारी पड़ गया। इस मामले में पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए पार्षद गौरव प्रताप सिंह को न केवल हिरासत में लिया, बल्कि उनसे विवादित पोस्ट भी डिलीट करवाई। इसके बाद शांतिभंग के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि देर रात को उसे छोड़ दिया गया।
सोशल मीडिया पर दी थी सीधी चुनौती पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के पूर्व पार्षद गौरव प्रताप सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली के खिलाफ दो भड़काऊ पोस्ट शेयर कीं। इन पोस्ट में गौरव ने उन्हें सुखेर थाने के बाहर सड़क पर आने की चुनौती दी और ‘गलतफहमी दूर करने’ जैसी धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया। चर्चा यह भी है कि गौरव ने पुष्कर तेली को फोन कर उनके साथ अभद्रता भी की थी।
जैसे ही ये पोस्ट वायरल हुईं, भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया। इस दौरान बीजेपी के कार्यकर्ता यशवंत पुरोहित ने भी अपने अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की और गौरव प्रताप को लिखा कि कब और कहां आना है, बता देना।
बतादें गौरव प्रताप ने कल सुबह सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी और मामला भड़कने के बाद शाम को पोस्ट डिलीट कर दी थी। विवाद शनिवार से शुरू हुआ, शनिवार को गौरव ने पुष्कर तेली के खिलाफ एक पोस्ट किया फिर रविवार को दूसरा पोस्ट किया तो विवाद बढ़ गया।

थाने के बाहर जुटने लगे कांग्रेसी नेता पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गौरव प्रताप सिंह को दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच हिरासत में ले लिया। उन्हें गोवर्धन विलास थाने ले जाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले उनसे वो दोनों विवादित पोस्ट डिलीट करवाईं। गौरव की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही शहर में फैली, थाने के बाहर कांग्रेसी नेताओं और उनके समर्थकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़, कांग्रेस नेता अभिमन्यु सिंह झाला और गौरव के मित्र सनी पोखरना समेत कई लोग वहां पहुंच गए।
रात को हुआ समझौता, फिर मिली रिहाई शुरुआत में पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन माहौल गरमाता देख पर्दे के पीछे सुलह की कोशिशें तेज हो गईं। गौरव के मित्रों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधा।
भाजपा नेताओं ने जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली से बात की और मामले को यहीं खत्म करने का सुझाव दिया। काफी देर तक चली मान-मनुहार और जद्दोजहद के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि भविष्य में सोशल मीडिया पर इस तरह की कोई भी अमर्यादित या धमकी भरी टिप्पणी नहीं की जाएगी। समझौता होने के बाद पुलिस ने गौरव प्रताप सिंह को शांतिभंग में पाबंद किया और देर रात उन्हें छोड़ दिया गया।
ये था विवाद
बीजेपी जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली गोगुंदा के रहने वाले हैं। वहीं से कांग्रेस के नेता लाला सिंह झाला भी आते हैं। पुष्कर तेली ने 2 दिन पहले किसी कार्यक्रम में झाला का जिक्र करते हुए कुछ कहा था। इस पर बात फैली तो गौरव प्रताप ने ये पोस्ट किया। गौरव प्रताप लाल सिंह झाला को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं। झाला पहले कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष रहे हैं।





