चाईबासा (झारखंड)। उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय पश्चिमी सिंहभूम के जिला ग्रामीण विकास शाखा सभागार में पंचायती राज विभाग अंतर्गत 15 वित्तीय आयोग अन्तर्गत विभिन्न मद में व्यय की स्थिति, पंचायतों में व्यय का ऑडिट ,ज्ञान केंद्र ,मनरेगा एवं आवास योजना अंतर्गत विभिन्न मानकों में प्रगति से संबंधित समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया।
उक्त बैठक में निर्देशक जिला ग्रामीण विकास शाखा,श्रीमती सुनीला खालको, जिला पंचायती राज पदाधिकारी,श्रीमती सविता टोपनो, प्रखंड़ विकास पदाधिकारी बंदगांव, झींकपानी, आनंदपुर, मनोहरपुर,गोइलकेरा, जगन्नाथपुर , कुमारडूंगी एवं गुदड़ी ,सभी प्रखण्ड के प्रखंड समन्वयक 15वें वित्तिय आयोग, प्रखंड़ कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा एवं तकनीकी सहायक (सहायक अभियंता, मनरेगा), प्रखंड समन्वयक आवास योजना उपस्थित रहें।
समीक्षा के क्रम सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को सभी पंचायतों का ऑडिट का कार्य दिनांक 26/02/2026 तक DTI चाईबासा में अनिवार्य रूप से पूरा करवा लेने का निर्देश दिया साथ ही 6 प्रखंडों में ज्ञान केंद्र के लिए उपलब्ध कराई राशि के उपरांत अबतक ज्ञान केंद्र तैयार नहीं किया जिसको पूरा करते हुए फोटोग्राफ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। 15वें वित्त के अनाबद्ध निधि एवं आबद्ध निधि में प्लान तैयार करते हुए एक सप्ताह में अधिक से अधिक व्यय करने का निर्देश दिया गया और पंचायत स्तर में आबद्ध निधि में सबसे खराब व्यय की स्थिति नोआमुंडी प्रखंड की है जिसके लिए नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पृच्छा का निर्देश दिया गया।
मनरेगा अंतर्गत विभिन्न मानकों यथा ,सक्रिय मनरेगा श्रमिकों का ekyc,सोशल ऑडिट कृत कार्रवाई प्रतिवेदन की स्थिति,पूर्व से लंबित योजनाओं के पूर्ण करने , मानव दिवस सृजन, प्रति ग्राम 05 योजनाओं के क्रियान्वयन, मनरेगा श्रमिकों का 100 दिनों का कार्य उपलब्ध करने की स्थिति, दीदी बाड़ी योजना, मनरेगा अभिसरण से आंगनबाड़ी भवन निर्माण की स्थिति, बिरसा सिंचाई कूप की पूर्ण करने अबुआ आवास योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों को मनरेगा से मानवदिवस का लाभ, रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन, अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के लंबित आवास योजना के पूर्ण करने की स्थिति का विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रगति लाने का आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। पूर्व से लंबित योजनाओं को पूर्ण करने के कार्य में विशेष ध्यान देते हुए ,सभी लंबित योजनाओं को भौतिक रूप से पूर्ण करने अथवा व्यय की गई राशि की नियमनुसार वसूली करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिया गया।






