दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र छोटा गिरनार बापू गांव की पावन धरा पर 24 घंटे का श्री 1008 नेमिनाथ भगवान चालीसा अखण्ड पाठ का दिव्य एवं ऐतिहासिक शुभारंभ शुक्रवार प्रातः 8.15 बजे से हुआ। यह आयोजन परम पूज्य आचार्य भगवन, छोटा गिरनार व तपोभूमि प्रणेता, गुरुदेव 108 प्रज्ञा सागर महाराज के मंगलमय आशीर्वाद एवं सानिध्य में सम्पन्न हो रहा है।
अध्यक्ष प्रकाश चन्द बाकलीवाल एवं महामंत्री पारस मल जैन ने बताया कि गुरुदेव के पावन सान्निध्य में एक मुख्य कलश एवं चार कलशों की स्थापना विधिवत मंत्रोच्चार के साथ की गई, जिन्हें अनुष्ठान पूर्ण होने पर शनिवार को प्रातः 8:00 बजे समाज श्रेष्ठियों को प्रदान किया जाएगा।
इस मौके पर गुरुदेव ने अपने मंगल आशीर्वचन में धर्म, संयम और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम एक घंटे के चालीसा पाठ से हुआ, जिसे राजेन्द्र – इंदिरा बिलाला (आकोडिया परिवार) द्वारा प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर छोटा गिरनार के अध्यक्ष प्रकाश बाकलीवाल, मंत्री पारसमल बाकलीवाल, संरक्षक अनिल जैन बनेठा, कोषाध्यक्ष रमेश जैन गंगवाल जिनेन्द्र (जीतू) जैन, महेंद्र गंगवाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
अतिशय क्षेत्र छोटा गिरनार के प्रचार मंत्री चेतन जैन निमोडिया ने जानकारी दी कि यह 24 घंटे का अखण्ड नेमिनाथ चालीसा पाठ छोटा गिरनार के इतिहास में पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इस अनुष्ठान में 24 परिवारों द्वारा क्रमशः 60-60 मिनट तक निरंतर चालीसा पाठ किया जा रहा है, जो सामूहिक श्रद्धा, भक्ति और एकता का अद्भुत उदाहरण है।
उन्होंने श्रद्धालुजनों से अपील की वे समय निकालकर इस दिव्य अवसर पर अवश्य पधारें और अति चमत्कारी एवं अतिशयकारी प्रतिमा श्री 1008 नेमिनाथ भगवान के श्रीचरणों में कम से कम एक घंटे का पाठ कर पुण्य लाभ अर्जित करें।
गुरुदेव के मंगल आशीर्वाद से यह महाआयोजन धर्म, शांति और मंगल का संदेश चारों दिशाओं में प्रसारित कर रहा है।
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दस वर्ष पूर्व स्थापित छोटा गिरनार बापू आज बना राष्ट्रीय आस्था का केंद्र
गुरुदेव 108 प्रज्ञा सागर महाराज के मंगल आशीर्वाद से विकसित तीर्थ, 10 वर्ष बाद पुनः प्रवास
आज से ठीक 10 वर्ष पूर्व परम पूज्य आचार्य भगवन, तपोभूमि प्रणेता, गुरुदेव 108 प्रज्ञा सागर महाराज के मंगलमय आशीर्वाद से छोटा गिरनार बापू गांव की पावन धरा पर एक छोटे से मंदिर के रूप में इस तीर्थ की स्थापना हुई थी। उस समय यहां केवल एक सादगीपूर्ण जिनालय था, जिसमें श्री 1008 नेमिनाथ भगवान विराजमान थे।
समय के साथ गुरुदेव की दिव्य प्रेरणा, आध्यात्मिक दृष्टि और संरक्षण के कारण यह स्थान निरंतर विकसित होता गया। आज वही छोटा सा मंदिर भव्य तीर्थ के रूप में परिवर्तित होकर पूरे हिंदुस्तान में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
विशेष बात यह है कि पूज्य गुरुदेव 10 वर्ष पश्चात पुनः छोटा गिरनार में प्रवास कर रहे हैं, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण व्याप्त है। श्रद्धालु इसे अत्यंत सौभाग्य का क्षण मान रहे हैं।
गौरतलब है कि गुरुदेव 108 प्रज्ञा सागर महाराज अब तक पंच तीर्थों का संरक्षण कर चुके हैं, जिनमें छोटा गिरनार बापू गांव प्रमुख रूप से अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुका है। यह तीर्थ आज केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कार और साधना का प्रेरणा केंद्र बन गया है।
समाजजनों का मानना है कि गुरुदेव के मार्गदर्शन में अतिशय क्षेत्र छोटा गिरनार आने वाले समय में और अधिक भव्यता एवं आध्यात्मिक ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
चेतन जैन निमोडिया
प्रचार मंत्री छोटा गिरनार बापू गांव





