जोधपुर जिले में बिलाड़ा उपखंड में पेयजल संकट पर एक युवती सहित पांच युवक पानी की टंकी पर चढ़ गए। इसी दौरान वहां मधुमक्खियों ने उन पर हमला कर दिया। इस पर चारों युवक नीचे उतर गए, लेकिन युवती ऊपर ही डटी रही।
मामला उपखंड के लांबा गांव में शुक्रवार को हुआ। पांच युवक-युवती भावी रोड स्थित टंकी पर चढ़ गए। वहीं पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नीचे मटके फोड़कर भारी विरोध-प्रदर्शन किया।
लांबा गांव में पेयजल किल्लत से आक्रोशित ग्रामीण महिलाएं और पुरुष सुबह करीब 8 बजे ही खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतर आए और मटके फोड़कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। घटना की सूचना पर तहसीलदार, जलदाय विभाग के अधिकारी, पुलिस और जल जीवन मिशन के ठेकेदार मौके पर पहुंचे।
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच लगभग दोपहर 2 बजे तक चली लंबी समझाइश के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका। मधुमक्खियों के हमले में घायल दो युवकों को बिलाड़ा के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य को प्राथमिक इलाज दिया गया।




मधुमक्खियों का हमला: युवक उतरे नीचे, युवती नहीं मानी प्रदर्शन के दौरान टंकी पर मधुमक्खियों के तीन छत्तों में से संभवतया कोई एक छत्ता छिड़ गया। इससे मधुमक्खियों ने टंकी पर चढ़े लोगों पर हमला बोल दिया। मधुमक्खियों के काटने के कारण चारों युवक आनन-फानन में नीचे उतर आए, लेकिन प्रदर्शनकारी युवती मधुमक्खियों के खतरे के बावजूद अकेले ही टंकी पर डटी रही।
अवैध कनेक्शनों के कारण गहराया संकट मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों ने पेयजल संकट के तकनीकी कारणों का खुलासा किया। अफसरों ने बताया कि कापरड़ा से लांबा आने वाली मुख्य पाइपलाइन में अवैध कनेक्शनों की भरमार है। इसके कारण गांव तक पानी का पर्याप्त दबाव नहीं पहुंच पा रहा है।
प्रशासनिक निर्देश और आश्वासन:
- अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई: विभाग ने एक सप्ताह में पाइपलाइन पर किए गए सभी अवैध कनेक्शनों को हटाने की कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया है।
- पेयजल आपूर्ति: अधिकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई के तुरंत बाद गांव में सुचारू रूप से पानी पहुंचा दिया जाएगा।
- इलाज: मधुमक्खियों के हमले में घायल दो युवकों को बिलाड़ा के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य को प्राथमिक इलाज दिया गया।






