“विद्या भवन के गौरवशाली अतीत की नींव पर बने भविष्य की इमारत”
विद्या भवन में उत्कृष्ट विद्यार्थी सम्मान समारोह में कहा प्रो देवनानी ने
न्यूज इन राजस्थान सुनील शर्मा
जयपुर। शिक्षा हमें अज्ञान,भय,दुर्बलता और सीमाओं से मुक्त करती है। हमें अपने प्राचीन भारतीय आदर्शों को आत्मसात करते हुए वर्तमान को गढ़ना चाहिए जिससे एक बेहतर भविष्य का निर्माण हो सकते। यह बात विधानसभा अध्यक्ष प्रो वासुदेव देवनानी ने शनिवार को उदयपुर में विद्या भवन ऑडिटोरियम में आयोजित उत्कृष्ट विद्यार्थी सम्मान समारोह के दौरान बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कही। इस अवसर पर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, विद्या भवन समिति के अध्यक्ष डॉ जितेंद्र तायलिया एवं मुख्य संचालक राजेंद्र भट्ट, विद्याभवन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय प्रिंसिपल डॉ अनिल मेहता, कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ प्रफुल्ल भटनागर सहित समिति के सदस्य गण, स्कूली बच्चे और अभिभावक उपस्थित थे।
देवनानी ने अपने संबोधन में विद्या भवन समिति से अपना जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विद्या भवन पॉलिटेक्निक कॉलेज में लंबे समय तक सेवाएं दी। उदयपुर में अंग्रेजी शासन काल के दौरान शिक्षा का अभाव था, उस वक्त स्व.मोहन सिंह मेहता और स्व. जनार्दन राय नागर ने अपने सब प्रयासों से दो संस्थाओं को खड़ा किया। विद्या भवन एवं राजस्थान विद्यापीठ नाम की यह दोनों संस्थाएं आज भी दक्षिणी राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत स्तंभ के रूप में खड़ी है। विद्या भवन की वर्तमान कार्यकारिणी समय के अनुरूप आवश्यक परिवर्तन एवं संवर्धन करते हुए संस्थान को आगे की दिशा में ले जा रही है। इसके गौरवशाली अतीत को ध्यान में रखते हुए सुंदर वर्तमान गढ़ा जा रहा है जो अच्छे भविष्य का निर्माण करेगा। मेरी शुभकामनाएं हैं कि मेवाड़ के आदिवासी बहुल क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने वाला संस्थान विद्याभवन देश का सर्वोच्च संस्थान बने।
पूरे संभाग से आए दसवीं एवं 12वीं कक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले लगभग दो सौ से अधिक विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए देवनानी ने कहा कि वर्तमान समय अवसर एवं कठोर प्रतिस्पर्धा का समय है। हमें स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेश “उठो, जागो एवं लक्ष्य प्राप्ति तक नहीं रुको ” का अनुसरण करते हुए देश एवं राष्ट्र के लिए कार्य करना है। संस्कार, संस्कृति एवं सनातन को नहीं भूलते हुए युगानुकूल परिवर्तनों के माध्यम से दिशानुकूल कार्य करने हैं। हमें एआई का दास नहीं बनना, बल्कि उसका स्वामी बनना है। क्योंकि एआई सिर्फ सूचना देता है, उसमें चरित्र, संवेदनाएं एवं करुणा का अभाव है। कार्यक्रम के आरंभ में तायलिया ने विद्याभवन समिति के क्रियाकलापों पर विस्तृत प्रकाश डाला। आईआईटी और आईआईएम के छात्र रहे आईएएस टॉपर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने छात्रों को अपने छात्रजीवन के अनुभव सुनाते हुए केरियर में आगे बढ़ने के लिए जरूरी बातें बताई। उन्होंने कहा कि माता–पिता का मार्गदर्शन जीवन में सफलता के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।
समझाया पांच “डी” का महत्व
अपने संबोधन में प्रो देवनानी ने बच्चों को पांच “डी” का महत्व समझाते हुए जीवन का लक्ष्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि डेकोरम (मर्यादा), डिसिप्लिन (अनुशासन), डिवोशन (समर्पण) और डिटरमिनेशन (प्रतिबद्धता) को जीवन में उतारें तो व्यक्तित्व का डेवलपमेंट (विकास) होना निश्चित है। उन्होंने जीवन को बैंक लॉकर की उपमा देते हुए कहा कि जिस प्रकार लॉकर की दो चाबियां, एक ग्राहक और दूसरी मैनेजर के पास होती है। दोनों चाबियां से ही लाकर खुलता है ठीक उसी प्रकार कर्म और भाग्य नाम की दो चाबियां से ही सफलता प्राप्त होती है। इसलिए जीवन में लगातार कर्म करते रहना चाहिए भाग्य का साथ मिलते ही सफलता सुनिश्चित है।
Author: newsinrajasthan
NEWS IN RAJASTHAN is a Hindi News channel. The most honest and growing news channel that covers latest trending news,Hindi news Bulletin in depth coverage of news stories, Indian film industry,latest Bollywood updates.We primarily focus on ground level reporting and serious news.NEWS IN RAJASTHAN has Dedicated specialized programs that covers politics,Business,corporate shows,Education and sports etc.






