सीकर के बाबा खाटूश्याम का वार्षिक फाल्गुन मेला आज से शुरू होगा। आज शाम 5 बजे से मंदिर में दर्शन शुरू हो जाएंगे। 11 मार्च तक चलने वाले इस मेले में लाखों की संख्या में देश के अलग-अलग राज्यों से भक्त दर्शन करने के लिए पहुंचेंगे।

मंदिर परिसर में इस बार वैष्णो देवी और शीश के दानी थीम पर सजावट की गई है। मंदिर के सिंह द्वार पर बर्बरीक श्रीकृष्ण को अपना शीशदान करते हुए नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही मंदिर में वैष्णो देवी की तर्ज पर लाल कपड़े से बंधे नारियल और घंटियां लगी हुई नजर आएगी।

भक्तों के लिए किस तरह की सुविधा…
दर्शन के लिए लगेंगी 14 लाइन
भक्तों को पिछले साल की तरह ही 14 लाइन से होकर बाबा की चौखट तक पहुंचना होगा। रींगस से खाटू तक कारपेट बिछाया जाएगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को खाटू धाम पहुंचने के बाद 8 किलोमीटर का सफर तय बाबा के दर्शन होंगे।
रींगस रोड से आने भक्तों को नगरपालिका के नजदीक मुख्य प्रवेश द्वार से होकर आना होगा। यहां से वे हुए चारण मैदान पहुंचेंगे। चारण मैदान में टीन शेड से कवर अस्थाई जिगजैग बनाया गया है। इस जिगजैग से होते हुए लखदातार मैदान में पहुंचेंगे।

करीब 5 घंटे का इंतजार करना होगा
दांता रोड से आने वाले भक्तों को लाला मांगीराम धर्मशाला के पास से जिगजैग से प्रवेश करवा कर लखदातार मेला ग्राउंड तक आएंगे। यहां से भक्त 75 फीट के मुख्य मेला मैदान की 14 सीधी लाइनों में प्रवेश करेंगे।
इस तरह रींगस रोड से बाबा के दर तक आने में करीब 5 घंटे से ज्यादा का समय लग जाएगा। भीड़ नहीं होने पर 4 लाइनों से ही दर्शनों के लिए भेजा जाएगा।
दिव्यांग-बुजुर्गों के लिए अलग इंतजाम
मेला प्रभारी व एसडीएम मोनिका सामोर ने बताया- पिछली बार चारण खेत में दर्शनों के लिए 7 ब्लॉक बनाए गए थे। इस बार भीड़ को देखते हुए 9 ब्लॉक बनाए गए हैं।
सरकारी प्रोटोकॉल वाले वीआईपी को छोड़कर सभी के लिए VIP दर्शन व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी। दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए दर्शनों की अलग से व्यवस्था की गई है।
मंदिर से करीब 250 मीटर की दूरी पर लाला मांगेराम धर्मशाला के पास ही एक अलग लाइन बनाई गई है। व्हील चेयर पर दिव्यांगों को इसी लाइन से मंदिर तक दर्शन कराने ले जा सकेंगे।

जाम न लगे इसके लिए नया रास्ता बनाया
पहले दांता रोड से आने वाले भक्त सीधे 40 फीट नए रास्ते के पास पहुंच जाते थे। इससे यहां भीड़ का दबाव बढ़ जाता था। इस बार प्रशासन ने नया रास्ता निकाला है। अब दांता की तरफ से आने वाले श्रद्धालु भी जिगजैग से गुजरते हुए लखदातार मेला ग्राउंड से होते हुए मंदिर तक पहुंचेंगे
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक का रास्ता वन-वे रहेगा। सीकर-रींगस रोड पर मंडा मोड़ के आस-पास छोटे वाहनों के लिए बड़ी पार्किंग व्यवस्था डेवलप की गई है। श्रद्धालुओं को बस से 52 बीघा पार्किंग तक ले जाया जाएगा। यहां से मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पैदल ही जाएंगे।इसके अलावा भीड़ नियंत्रित करने की विशेष परिस्थितियों के लिए 16 आपातकालीन गेट तैयार किए गए हैं।






