Home » राजस्थान » मंत्री-विधायकों की सदन में चहल-पहल, फिर स्पीकर ने समझाए नियम:मंत्री बेढम, दक, विधायक प्रेमी सहित कई सदस्य एक सीट से दूसरी सीट पर आते-जाते दिखे

मंत्री-विधायकों की सदन में चहल-पहल, फिर स्पीकर ने समझाए नियम:मंत्री बेढम, दक, विधायक प्रेमी सहित कई सदस्य एक सीट से दूसरी सीट पर आते-जाते दिखे

विधानसभा में गतिरोध टूटने के बाद शुक्रवार को कमोबेश सामान्य प्रक्रिया के तहत कार्यवाही चलती रही। इस सामान्य प्रक्रिया के बीच ही कुछ ऐसे पल भी आए, जब मंत्रियों, पक्ष-विपक्ष के विधायकों की गतिविधियां परंपरा और नियमों से परे रहीं। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने भी दो-तीन बाद अलग-अलग तरह की प्रक्रिया और परंपरा बताते हुए विधायकों को समझाया।

पिछले कई दिनों के गतिरोध के बाद शुक्रवार को पूरे दिन की कार्यवाही के दौरान आसन से लेकर सत्ता और विपक्ष के नेता तक सबने जैसे फूंक-फूंक कर कदम रखा। हालांकि मंत्री, पक्ष-विपक्ष के विधायक आसन के पांवों पर खड़े होने के दौरान चहल-कदमी करते रहे, जबकि स्पीकर जब खड़े हों तो कोई भी सदस्य अपनी सीट से खड़े नहीं हो सकता, न ही बाहर से अंदर आ सकता। यही नहीं, जब कोई सदस्य अपनी सीट से बोल रहा हो तो अन्य सदस्य आसन और वक्ता के बीच से क्रॉस नहीं कर सकता।

वक्ता व स्पीकर को क्रॉस करते रहे सदस्य शून्यकाल के दौरान जिस समय एक सदस्य अपनी सीट पर खड़े होकर अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान विधायक सीएल प्रेमी अपनी सीट से उठकर आसन को क्रॉस करते हुए उपमुख्यमंत्री से मिलने पहुंच गए। इसी तरह अन्य सदस्य के वक्तव्य के दौरान केसाराम और कल्पना देवी भी अपनी सीट से उठकर स्पीकर को क्रॉस करते हुए मंत्री तक पहुंचे।

स्पीकर संबोधित कर रहे थे, मंत्री सदन से बाहर निकल गए, टोका पर सुन नहीं पाए

शून्यकाल के दौरान स्पीकर जब कार्यवाही विवरण बता रहे थे, उसी दौरान गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम अपनी सीट से उठकर अधिकारी दीर्घा तक पहुंच गए। बाद में वे सदन से ही बाहर चले गए। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने टोका तो स्पीकर ने मंत्री को सीट पर बैठने को भी कहा, लेकिन वे लगभग बाहर जा चुके थे। उन्होंने संसदीय कार्यमंत्री से कहा कि वे मंत्री को इस बारे में जानकारी दे दें। इसी तरह मंत्री गौतम दक अन्य सीट से उठकर अपनी सीट पर आकर बैठ गए। पास के विधायक ने उन्हें इस बात के लिए टोका भी।

सदन में भी प्रवेश कर गए विधायक स्पीकर जब अनुपूरक अनुदान मांगों पर कार्यवाही संपन्न करा रहे थे, उसी दौरान विधायक हरिसिंह रावत सदन से बाहर थे, लेकिन वे अंदर आकर पहले द्वार के पास की सीट पर बैठे, लेकिन क्षण बाद अपनी सीट पर आकर बैठ गए। मंत्री कन्हैयालाल चौधरी भी इससे पहले स्पीकर और वक्ता के बीच से क्रॉस कर अपनी सीट पर पहुंचे।

खर्रा व खराड़ी इंतजार में रुके रहे सदन में ऐसा भी हुआ जब स्पीकर आसन पर खड़े थे तो जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी और यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा बाहर थे। वे उनके बैठने के इंतजार में काफी देर तक द्वार के बाहर ही खड़े रहे। फिर गेट के पास की सीट पर आकर बैठे। जब स्पीकर बैठ गए तब ही अपनी सीट पर पहुंचे।

मंत्री बाहर, स्पीकर ने हिदायत दी अनुदान मांगों पर कार्यवाही के दौरान कुछ मंत्री सदन के बाहर थे। सभी विभागों की अनुदान मांगों पर मतदान के समय स्पीकर ने संसदीय कार्य मंत्री काे ध्यान दिलाया कि अपनी मांगों के दौरान तो मंत्री सदन में रहें। उन्होंने मतदान के दौरान मंत्रियों समेत तमाम पक्ष के सदस्यों से ध्वनिमत के दौरान हाथ उठाकर जोर से हां कहने को भी कहा।

बातें बढ़ी, वक्ता अपनी बारी भूले, स्पीकर ने टोका कार्यवाही के दौरान ही स्पीकर के बैठते ही बातचीत और चहलकदमी तेजी से बढ़ गई। स्पीकर देवनानी ने टोका और कहा कि एक साथ इतने सदस्य यहां-वहां नहीं जाएं, बातें भी कुछ ज्यादा हो रही हैं। एक बार तो शंकर सिंह रावत का नाम अपनी बात रखने के लिए पुकारा गया। इसी दौरान दीप्ति किरण माहेश्वरी उनके पास वाली सीट पर आई हुई थीं और दूसरी ओर श्रीचंद कृपलानी बैठे थे। बीच में बैठे रावत दोनों से लगातार बात करते रहे, स्पीकर ने दो-तीन बार नाम पुकारा तो अचानक वे कागज लेकर खड़े हुए।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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