टोलकर्मियों ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए सरकारी बस कंडक्टर के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि टोल पर बेवजह बस को रोकें रखा और बस को लेट की। घटना बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाने के असाड़ा की बेरी टोल प्लाजा आज सुबह करीब 9 बजे की है। बस ड्राइवर ने टोल कर्मियों से समझाइश करने की कोशिश की गई। लेकिन उसकी एक नहीं सुनी और कंडेक्टर के साथ मारपीट कर दी। पीड़ित ने ग्रामीण थाने में रिपोर्ट दी गई है।
बाड़मेर आगार का कंडक्टर शिव प्रकाश जीनगर ने बताया- अपनी ड्यूटी पर आज सुबह अकली गडरारोड से बाड़मेर बस में आ रहे थे। टोल प्लाजा असाड़ा की बेरी बाड़मेर पर पहले से ही प्लानिंग के तहत टोलकर्मी बस को रोकते हैं। कंडेक्टर साइड 10-12 जने गेट पर आए। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते बुलाया और नीचे आने को कहा। आते ही मेरे मुंह पर जोरदार मुक्के मारे, इससे मेरे मुंह से खून आने लगा। संभलने से पहले मुक्के मारने शुरू कर दिए। बेहोशी की हालात में ड्राइवर व अन्य पैसेंजर ने मुझे छुडवाया।
कहासुनी के बाद बढ़ा मामला
कंडक्टर शिव प्रकाश जीनगर का कहना है कि गुरुवार शाम को करीब 4:30 बजे टोल पर वाहन 10 मिनट खड़ी रही और बैरियर की वजह से इनका सिस्टम नहीं चलने से गेट नहीं हटा। जाम लगने लगा तो मेरे ओर से फास्टैग लगा होने नियमानुसार समय अधिक होने पर हाथ से बैरियर हटाकर बस को बाहर साइड मे किया। टोल स्टाफ को कहा नियमानुसार आप हमे अब ज्यादा नहीं रोक सकते। सरकारी बस लेट होने से हम बस लेकर वहां से रवाना हो गए। रवाना होते समय टोलकर्मियों ने मेरा नाम पूछा, उनका नाम पूछने पर गालियां देने लगे, सुबह आ जा तेरे को कानून सिखाते है।
टोल पर लाइट नहीं होने से नहीं खुला बैरियर
ड्राइवर केशाराम ने बताया- हमारी बस पर फास्टैग लगा हुआ था। लेकिन टोल पर लाइट नहीं होने पर बैरियर गेट नहीं खुल रहा था। तब हमने कहां कि जनरेटर स्टार्ट करों। तब उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। आपस में मौज-मस्ती कर रहे थे। 20 मिनट हमारी गाड़ी लेट हो गई। पीछे वाली बस भी आ गई। प्राइवेट रूट होने की वजह से फिर रोडवेज व प्राइवेट के बीच खींचतान शुरू हो जाती है।





