प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को अनुप्रति कोचिंग योजना का पैसा नहीं मिलने के मुद्दे पर विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस ने हंगामा कर दिया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। वहीं, एक अन्य सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- कांग्रेस ने हिंदी मीडियम के स्कूलों पर केवल अंग्रेजी का बोर्ड लटका दिया। कांग्रेस ने केवल बोर्ड लटकाने के काम किए थे, इन्होंने शिक्षा का बंटाधार कर दिया।
कांग्रेस विधायक रफीक खान के सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा- टारगेट के हिसाब से अनुप्रति योजना के तहत कोचिंग इंस्टीट्यूट का चयन किया है। इस योजना का अध्ययन करने के लिए पंजाब सहित कई राज्यों के अफसर आए हैं। हमारी सरकार ने अच्छी तरह योजना को चला रखा है। कांग्रेस सरकार के समय के बकाया का भुगतान भी हमने किया है। हमने इसमें 50 हजार स्टूडेंट्स को फायदा देने का टारगेट रखा है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायक रफीक खान ने मंत्री के जवाब को गलत करार देते हुए कहा- जिन बच्चों को जून-जुलाई में भुगतान हो जाना चाहिए था, उन्हें अब तक भुगतान क्यों नहीं हुआ? इसके लिए कौन जिम्मेदार है, कौन दोषी है। उन पर क्या कार्रवाई करेंगे? मंत्री सीधा जवाब देने की बजाय इधर-उधर घूमा रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष बोले- बच्चों को एक पैसा नहीं दिया नेता प्रतिपक्ष ने कहा- मंत्री कह रहे हैं कि दूसरे राज्यों के अफसर अध्ययन करने के लिए आए हैं। आपने अब तक बच्चों को एक पैसा दिया नहीं, अध्ययन किस बात का कर रहे हैं।
रफीक खान ने कहा- मंत्री जवाब देने की जगह लीपापोती कर रहे हैं। मंत्री गहलोत ने कहा कि हमने 2021 से लेकर कांग्रेस सरकार का जो बकाया है, वह भी बच्चों को भुगतान किया है। कांग्रेस सरकार में तो 12000 छात्रों को ही अनुप्रति कोचिंग योजना का लाभ मिलता था। हमने तो 50 हजार टारगेट कर दिया है।

मंत्री बोले- टारगेट के हिसाब से पैसे का आवंटन किया मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा- इतना टारगेट था, उसके हिसाब से पैसे का आवंटन किया गया है। इसके बाद स्पीकर ने अगला सवाल पुकार लिया। मंत्री पर गलत और अधूरा जवाब देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले सदन में जमकर नोकझोंक हुई।






