जालोर के आहोर कस्बे में 3 दिन पहले बुधवार को 16 साल की लड़की ने अपने घर में चुन्नी का फंदा लगाकर जान दे दी थी। शनिवार को इस घटना के विरोध में आहोर में हंगामा मचा है। गुस्साए लोगों ने पाली-जालोर रोड जाम कर दिया। आहोर उपखंड कार्यालय के सामने नारेबाजी की। सड़कों पर लड़कियों ने जमकर हो-हल्ला किया। परिजन बोले- लड़की को दूसरे समुदाय के लड़के ने उकसाया था, उसे फांसी दी जाए।
16 साल की डिंपल ने किया था सुसाइड…

क्या है पूरा मामला, क्यों हुआ हंगामा
दरअसल, बुधवार 26 मार्च को आहोर के माधोपुरा के वार्ड संख्या-11 में रहने वाले कुंदनमल की 16 साल की बेटी डिंपल ने घर में चुन्नी से फंदा लगाकर जान दे दी थी। बुधवार दोपहर 12 बजे परिवार को बेटी फंदे पर लटकी मिली तो कोहराम मच गया। परिवार ने आहोर पुलिस को जानकारी दी।
पुलिस मौके पर पहुंची। शव उतरवाया। आहोर के राजकीय हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम कराया और शव परिजन को सौंप दिया। इसके बाद जब जांच आगे बढ़ी तो डिंपल के मोबाइल में दूसरे समुदाय के लड़के से जुड़े कुछ तथ्य मिले। परिवार ने आरोप लगाया कि युवक लड़की को लगातार मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहा था। उसने बेटी को सुसाइड के लिए उकसाया। उसे फांसी होनी चाहिए।

शनिवार को मंदिर में बैठक की, कस्बा बंद किया, नारेबाजी-जाम और प्रदर्शन
डिंपल की सुसाइड के बाद दूसरे समुदाय के युवक की भूमिका की बात आई तो समाज में आक्रोश फैल गया। शनिवार सुबह 9 बजे परिजन और समाज के लोग माधोपुरा के सेठ सांवरिया मंदिर में जुट गए। यहां बैठकर रणनीति बनाई। इसके बाद पूरे कस्बे के बाजार बंद करा दिए गए।

बड़ी संख्या में लोग, लड़कियां-महिलाएं सड़क पर आ गए। डिंपल के हत्यारे को फांसी देने की मांग के नारे गूंजने लगे। पाली-जालोर रोड को सुबह 11 बजे जाम कर दिया गया। लड़कियां-महिलाएं सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगी। प्रदर्शन में शामिल एक लड़की ने कहा- लड़कियों को माता पिता घरों में कैद रखते हैं, जबकि लड़के देर रात तक सड़कों पर घूमते हैं। पुलिस की गाड़ी रोजाना घूमनी चाहिए। तभी बेटियां घर के बाहर सुरक्षित रहेंगी।
समाज के महिपाल राजपूत ने कहा- आहोर कस्बे में रात 12 बजे तक आवारा लड़के सड़कों पर घूमते हैं। ऐसे लोगों को अरेस्ट करना चाहिए। बहन बेटियों से गलत करने वालों को तुरंत सजा मिलनी चाहिए। रात 12 बजे बाद शहर में कहीं भी दुकानें नहीं खुलनी चाहिएंं।

दोपहर 12 बजे रैली के रूप में इकट्ठे होकर सैकड़ों लोग उपखंड कार्यालय पहुंच गए। उपखंड कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया और सख्त कार्रवाई की मांग की गई। आहोर बंद को सभी समाज के लोगों ने समर्थन दिया। व्यापारियों ने सहमति से दुकानें बंद रखी।
प्रदर्शनकारियों के हंगामे के बीच पुलिस को कड़ी मश्क्कत करनी पड़ी।







