राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS करने वाले स्टूडेंट्स, जिन्होंने NEET-UG का एन्ट्रेंस पेपर क्लियर कर लिया है। उनकी काउंसलिंग के लिए आज से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई। प्रदेश के 42 मेडिकल कॉलेजों की 5418 MBBS सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा। हालांकि इसमें उदयपुर की गीतांजलि मेडिकल कॉलेज की MBBS सीटों पर इस बार एडमिशन नहीं होगा।
राज्य में काउंसलिंग के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज में चेयरमैन का ऑफिस बनाया है। पहले चरण की काउंसलिंग में शामिल होने के लिए स्टूडेंट 28 जुलाई से 1 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे और रजिस्ट्रेशन करवाने, फीस जमा करवाने सहित तमाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 अगस्त को पहले राउंड की सीटों का आवंटन किया जाएगा, जिसके बाद 14 अगस्त तक स्टूडेंट्स को ज्वाइनिंग के लिए रिपोर्टिंग करने का समय दिया जाएगा।
इन सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सबसे ज्यादा सीटें
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर, एस.एन. मेडिकल कॉलेज जोधपुर और एस.पी. मेडिकल कॉलेज बीकानेर इन तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 208-208 सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा, जो सबसे ज्यादा सीटों वाले मेडिकल कॉलेज है। वहीं प्राइवेट कॉलेजों में निम्स मेडिकल कॉलेज जयपुर, महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज जयपुर और जेएनयू इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर जयपुर में 212-212 सीटें है।
फर्जी फेकल्टी दिखने के विवाद के बाद गीतांजली कॉलेज काउंसलिंग से बाहर
नेशनल मेडिकल कौंसिल (NMC) ने राजस्थान की गीतांजली मेडिकल कॉलेज इस सेशन में एडमिशन से बाहर कर दिया है। पिछले दिनों NMC ने नियमों की पालना नहीं करने को लेकर कॉलेज प्रशासन को नोटिस जारी किया था। इसमें फेकल्टी मेम्बर्स (पढ़ाने वाले टीचर्स) के फॉर्म-16 समेत इनकम टैक्स से जुड़े तमाम दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
सूत्रों के मुताबिक NMC को संदेह हुआ था कि उदयपुर कॉलेज में जो फेकल्टी है वह नियमानुसार नहीं है। इसे देखते हुए कॉलेज की 250 MBBS सीटों का रिन्युअल नहीं किया गया। आपको बता दें कि इससे पहले पिछले शैक्षणिक सत्र 2024-25 में भी कॉलेज पर नियमों की पालना नहीं करने पर NMC ने 10 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई थी। पेनल्टी लगाने के बाद ही कॉलेज के सीटों का सशर्त रिन्युअल किया गया था।
150 सीट के लिए चाहिए 114 से ज्यादा डॉक्टर्स नियमों के मुताबिक किसी भी मेडिकल कॉलेज में अगर 150 सीटों का आवंटन होता है तो उससे पहले कॉलेज प्रशासन को 114 फेकल्टी मेंबर्स समेत कुल 146 डॉक्टर्स की नियुक्ति करनी पड़ती है। इसमें 19 प्रोफेसर, 40 एसोसिएट प्रोफेसर, 55 असिस्टेंट प्रोफेसर के अलावा 32 ट्यूटर या डेमोस्टेटर और 58 सीनियर रेजीडेंट (एसआर) होने जरूरी है।
BDS की 1342 सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन
प्रदेश के 29 डेंटल कॉलेजों की 1342 सीटों पर एडमिशन के लिए भी आज से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए। इसमें 1162 सामान्य सीटें है, जबकि 180 मैनेजमेंट कोटे की सीटें है।






