पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने कहा- पहले चुनाव आयोग की साख इतनी मजबूत थी कि दूसरे देश अपने यहां चुनाव करवाने के लिए ट्रेनिंग लेते थे। आज भारत की जनता ही चुनाव आयोग को शक की निगाह से देख रही है। बीजेपी ने अपने अलोकतांत्रिक बर्ताव से संस्थानों का सत्यानाश कर दिया है। गहलोत जयपुर आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
गहलोत ने कहा- राहुल गांधी के खुलासे के बाद देश चिंता में है। जब चुनाव आयोग सत्ताधारी दल से मिलीभगत कर ले तो देश में लोकतंत्र कैसे बचेगा? लोकसभा चुनाव में 25 सीटों का ही तो फासला था। बीजेपी वाले सब जगह नहीं, चुनिंदा जगहों पर गड़बड़ करवाते हैं। सब सीटों पर नहीं।
इतनी ही गड़बड़ी करवाते हैं कि जीत जाएं। धनबल बहुत बड़ा खतरा है। इन्होंने देश को लूट लिया। इलेक्टोरल बॉन्ड को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक बताया फिर भी कुछ नहीं किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त चयन कमेटी में गृह मंत्री अमित शाह को शामिल होने से रुख बदला हुआ है
गहलोत ने कहा- जबसे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के चयन की कमेटी में सीजेआई को हटाकर केंद्रीय गृह मंत्री को शामिल किया है, तब से चुनाव आयोग का बर्ताव बदला हुआ है। उसका झुकाव साफ दिख रहा है। पहली बार चुनाव आयोग विपक्ष के नेताओं से मिलने में भेदभाव कर रहा है। विपक्ष के साथ उसका व्यवहार आपत्तिजनक है। एक बार मैं भी प्रतिनिधिमंडल में गया था, चुनाव आयोग का टोन ठीक नहीं था।
चुनाव आयोग की बीजेपी के पक्ष में वोट चोरी पकड़े जाने के बाद सफाई दे
गहलोत ने कहा- नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चुनाव आयोग के बीजेपी के पक्ष में वोट चोरी पकड़ी। इसके बाद से चुनाव आयोग स्पष्टीकरण देने की जगह राज्य स्तरीय आयोगों से ऐसे जवाब दिलवा रहा है। इससे इस संस्था पर जनता का विश्वास और कमजोर होगा।
चुनाव आयोग सही होता तो मशीन रीडेबल फॉर्मेट में जानकारी देता
गहलोत ने कहा- दरअसल चुनाव आयोग अब ‘चोरी और सीनाजोरी’ वाली स्थिति में आ गया है। अगर चुनाव आयोग अपनी जगह सही होता तो वो राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की मांग पर वोटर लिस्ट का डाटा मशीन रीडेबल फॉर्मेट (जैसे एक्सेल फॉर्मेंट) में उपलब्ध करवा देता। इससे जो काम करीब 6 महीने की मेहनत के बाद हो पाया, वो महज कुछ मिनटों में हो जाता।
चुनावी फर्जीवाड़ा पकडे़ जाने के बाद हटा भी देता है आयोग
गहलोत ने कहा- राहुल गांधी ने बाकायदा 2024 लोकसभा चुनाव से एकदम पहले जारी की गई, फाइनल वोटर लिस्ट की तारीख बताकर फर्जी वोटों का खुलासा किया है। उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग, कर्नाटक चुनाव आयोग आदि 2025 की वोटर लिस्ट दिखाकर इसे गलत ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। यानी ऐसा लगता है कि चुनावी फर्जीवाड़े के बाद पकड़े जाने के डर से इन फर्जी नामों को हटाया भी जाता है।
चुनाव आयोग बेतुकी बात कर रहा, वो खुद शपथ पत्र दे
गहलोत ने कहा- एक और बेतुकी बात चुनाव आयोग कर रहा है कि राहुल गांधी शपथ लेकर ये सारी बातें कहें। वो ये भूल रहे हैं कि राहुल गांधी एक संवैधानिक पद पर हैं। संविधान की शपथ लेकर कार्य कर रहे हैं। इसमें संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती के लिए कार्य करना निहित है।
चुनाव आयोग ईमानदार होता तो राहुल गांधी के खुलासे पर जांच करवाता
गहलोत ने कहा- अगर चुनाव आयोग ईमानदारी से काम कर रहा होता। वह नेता प्रतिपक्ष तो क्या एक आम आदमी द्वारा भी इतनी बड़ी गलती ध्यान में लाने पर इस तरह की अनर्गल सफाई पेश करने की बजाय एक निष्पक्ष जांच शुरू करवाता। जिसने गलती की है, उन पर कार्रवाई की बात करता।
राजस्थान सहित चार राज्यों की निर्वाचन विभाग की वेबसाइट्स नहीं खुल रही
गहलोत ने कहा- राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार और मध्यप्रदेश की वेबसाइट खुल नहीं रही है। हो सकता है इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद खोल दे। कुछ सुधार कर रहे होंगे।





