जोधपुर के कांग्रेस नेता के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में जमीन पर जबरन कब्जा करने और फसल को उजाड़ने के आरोपों को लेकर एक व्यक्ति ने कोर्ट के जरिए मामला दर्ज करवाया। आरोप लगाया कि राजस्व ग्राम उचियारड़ा की खसरा नंबर 37 की जमीन पर आरोपियों ने कब्जा करने का प्रयास किया।
परिवाद में रामपुरा भाटियान निवासी रघुवीरराम ने बताया कि करणसिंह उचियारड़ा और श्रवणराम नाई ने आपराधिक साजिश रचते हुए रात के अंधेरे में जेसीबी चलाकर उनकी फसल नष्ट की। चारदीवारी तोड़ी और धमकी दी कि यह जमीन हमारी है, तुम्हें भुगतना पड़ेगा।
रघुवीरराम ने परिवाद में बताया कि राजस्व ग्राम उचियारड़ा की खसरा नंबर 37 की जमीन उनके पूर्वजों के कब्जे में 60 साल से अधिक समय से है। खातेदार मोहनसिंह पुत्र मेघसिंह ने इसे विक्रम संवत 2020 में नामांतरण संख्या 10 से अचलसिंह पुत्र गणेशसिंह (माली) को बेचा। बाद में खाता संख्या 2 अलग चिह्नित कर विक्रम संवत 2053 से अचलसिंह के नाम दर्ज रही। अचलसिंह ने 15 फरवरी 1995 को वसीयतनामा रघुवीरराम के पक्ष में लिखा। उनकी 17 जून 1997 को मौत के बाद निर्वाध कब्जा रहा। तहसीलदार जोधपुर के समक्ष 17 जुलाई 2025 को नामांतरण आवेदन पर प्रकरण संख्या 19/2025 दर्ज हुआ। 17 अक्टूबर 2025 को आदेश देकर नामांतरण संख्या 969 (21 अक्टूबर 2025) से रघुवीरराम के नाम दर्ज किया गया। सहायक कलक्टर व उपखंड अधिकारी जोधपुर उत्तर ने 17 नवंबर 2025 को स्थगन आदेश जारी किया, जो आज प्रभावी है।
फसल उजाड़कर नाम लिखा
परिवादी का आरोप है कि करणसिंह ने जमीन हड़पने की साजिश रची। उनकी बोई फसल नष्ट की, जहां चारदीवारी थी वहां काली स्याही से अपना नाम लिखा। दोनों अभियुक्तों ने कब्जा-काश्त में बाधा डाली। इतना ही नहीं रात को जेसीबी से सीमाचिह्न मिटा दिए और फसल नष्ट कर डाली। उन्हें धमकी दी कि तुम्हारा कोई वास्ता नहीं, हम छीन लेंगे और कहीं सुनवाई नहीं होगी।
पुलिस ने दबाए रखा मामला
इधर इस मामले को लेकर परिवादी का आरोप है उसने पुलिस थाने में शिकायत भी दी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। सबसे पहले 21 नवंबर 2025 को थाना एयरपोर्ट में शिकायत दी, लेकिन FIR दर्ज नहीं की। वहीं स्पीड पोस्ट से 2 दिसंबर 2025 को प्रार्थना पत्र भेजा, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की।
उचियारड़ा बोले, पिता ने दान की थी जमीन
कांग्रेस नेता करण सिंह उचियारड़ा ने बताया कि यह जमीन मेरे पिता ने 1962 में अचल सिंह, जाति नाई को दान में दी थी। अब इसे अचल सिंह, जाति माली के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करके कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम से मिलीभगत करके फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार राशन कार्ड और झूठी वसीयत के आधार जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है जिसको मैं मरते दम तक हड़पने नहीं दूंगा।






