78वें सेना दिवस के अवसर पर थल सेना की दक्षिणी पश्चिमी कमान द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की कड़ी में मंगलवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में शौर्य संध्या का फुल ड्रेस रिहर्सल हुआ । शौर्य संध्या कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सप्त शक्ति कमांड की आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की रीज़नल प्रेसिडेंट श्रीमती बारिंदर जीत कौर रही।
कार्यक्रम की शुरुआत पैरा मोटर्स की शत्रुजीत बिग्रेड के पैराग्लाइडर से हुई, जिन्होंने आसमान में तिरंगा और सेना का ध्वज लहराते हुए कई चक्कर लगाए गए।
पारंपरिक युद्धक खेलों का प्रदर्शन—
शौर्य संध्या के दौरान सेना के जवानों द्वारा पारंपरिक भारतीय खेल कलाओं मलखंभ और कलारिपयट्टू के साथ मार्शल आर्ट का समन्वित प्रदर्शन किया गया। जवानों की सटीकता, साहस और समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

लघु नाट्य में दिखी पाक के नापाक इरादों से लेकर ऑपरेशन सिंदूर में सेना के अदम्य साहस और शोर्य की झलक—
कार्यक्रम में प्रदर्शित लघु फ़िल्म और नाट्य प्रस्तुति द्वारा भारतीय सेना के 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक की गौरव, साहस और बलिदान की यात्रा को दर्शाया गया। जिसमें कश्मीर में कबाइली हमलों से लेकर प्रथम भारत—पाक युद्ध, 1965 व 1971 के भारत— पाक युद्ध, कारगिल युद्ध, पुलवामा हमले में पाकिस्तान की क्रूरता और नापाक इरादों के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर व ऑपरेशन सुदर्शन चक्र में भारतीय सेना के अदम्य साहस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति ने वहाँ उपस्थित लोगो में देश प्रेम की भावना से भर दिया।
1000 ड्रोन से भव्य ड्रोन शो : आकाश में उभरी शौर्य और राष्ट्रभक्ति की झलक—
भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्रसेवा को समर्पित शौर्य संध्या के अवसर पर भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया। इस अनूठे कार्यक्रम ने देश की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। इसमें स्वदेशी तकनीक से निर्मित 1 हज़ार ड्रोनस ने समन्वित उड़ान भरते हुए आकाश में भगवान कृष्ण, अर्जुन, महाराणा प्रताप, शिवाजी महाराज, रानी लक्ष्मीबाई, जनरल जोरावर सिंह, भारतीय सेना के हथियारों, तकनीक और भैरव रेजिमेंट से जुड़े दृश्य दिखाए गए।

इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, वीरगति को प्राप्त सैनिकों के परिजन , पूर्व सैनिक, सिविल प्रशासन के गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।






