10 साल पहले बेटी की धूमधाम से शादी की और उसे अपने घर से विदा किया। सब कुछ अच्छा चल रहा था। शादी के बाद बेटी के तीन बच्चे हुए और घर परिवार में सब खुशी से रह रहे थे लेकिन दो महीने पहले मां अपने बच्चों को छोड़कर घर से भाग गई और किसी दूसरे से शादी कर ली। पिता को जब पता चला तो उन्होंने बेटी को बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी। हारकर पिता ने जिंदा बेटी की शोक पत्रिका छपवाई और उसका म़ृत्यूभोज करवाया।
उदयपुर जिले के ओगणा थाना क्षेत्र के एक गांव में दिल दहला देने वाली घटना घटी है। करीब 10 साल पहले एक पिता ने अपनी बेटी की धूमधाम से शादी की और उसे विदा किया। सब कुछ ठीक चल रहा था। शादी के बाद बेटी के तीन बच्चे हुए, दो बेटे और एक बेटी, जिनकी उम्र लगभग 2 वर्ष, 4 वर्ष और साढ़े 5 वर्ष है। पूरा परिवार खुशी से रह रहा था।
माता-पिता और बच्चों को पहचानने से किया इनकार
करीब दो महीने पहले पत्नी अपने पति, दो बेटे और एक बेटी सहित तीनों मासूम बच्चों को छोड़कर गांव के ही एक व्यक्ति के साथ भाग गई और उसके साथ शादी कर ली। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी। इसके बाद पुलिस ने युवती को पकड़ कर परिजनों और बच्चों से मिलवाया, लेकिन उसने अपने माता-पिता और बच्चों को पहचानने से मना कर दिया। परिजनों, समाज के लोगों और पुलिस प्रशासन द्वारा कई बार समझाइश के प्रयास किए गए, लेकिन युवती अपने फैसले पर अडिग रही। इस घटना से पिता पूरी तरह टूट गए।
इसके बाद परिजनों ने गांव और समाज में बेटी को मरा हुआ घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, बाकायदा शोक पत्रिका छपवाकर सगे-संबंधियों और समाज के लोगों में बांटी गई, वहीं जिंदा बेटी का मृत्यु भोज भी आयोजित किया गया। शोक पत्रिका में बेटी का 6 जनवरी को निधन बताया और 13-14 जनवरी को मृत्युभोज की रस्म का आयोजन रखा। इसके तहत पारंपरिक रूप से गौरणी-धूप कर मृत्यु भोज का आयोजन किया गया। साथ ही पिता ने बेटी को वसीयत से भी बेदखल करने का निर्णय लिया।
लड़की के पिता का कहना है कि जिस दिन हमारी बेटी ने हमें और अपने बच्चों को पहचानने से इनकार कर दिया, उसी दिन वह हमारे लिए मर चुकी है। गौरणी-धूप कार्यक्रम में परिजन, रिश्तेदार एवं समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






