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एसआईआर को लेकर कांग्रेस की अनर्गल बयानबाजी निराधार, चुनाव आयोग की निष्पक्ष प्रक्रिया पर रखें भरोसा: स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज

भारतीय जनता पार्टी के हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने कांग्रेस नेताओं द्वारा एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर दिए जा रहे बयानों को निराधार और भ्रामक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर भारत की संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग द्वारा निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कराया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची से बाहरी व्यक्ति, मृत व्यक्ति और डुप्लीकेट नामों को हटाना है। महाराज ने कहा कि राजस्थान में इसी चुनाव आयोग ने उपचुनाव भी पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराए हैं, जिनमें भाजपा और कांग्रेस को भी जनादेश मिला। यदि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की पक्षपातपूर्ण भूमिका होती, तो कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा बार-बार झूठे और व्यर्थ के आरोप लगाने से कोई लाभ नहीं होने वाला।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने कहा कि एसआईआर का विरोध दरअसल बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के वोट कटने की आशंका से उपजा है। यही कारण है कि कांग्रेस में बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध रूप से यहां रहकर मुफ्त राशन और योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई से कांग्रेस को आपत्ति क्यों है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाना गलत है। भाजपा अपने काम और सेवा के दम पर जनविश्वास प्राप्त करती है। यदि किसी के पास दस्तावेज है तो वो चुनाव आयोग में पेश करें, किसी का नाम नहीं कटेगा। उन्होंने कांग्रेसी नेताओं से अपील की मतदाता सूची को शुद्ध करने में सहयोग करें अन्यथा, फर्जी मतदाताओं का समर्थन करना देशहित के खिलाफ है।

कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग पर आरोप लगाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विधायक स्वामी बाल मुकुंदाचाय महाराज ने 1977 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने इतिहास पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने हवामहल विधानसभा क्षेत्र के उदाहरण देते हुए कहा कि कई स्थानों पर कागजों में दर्ज मतदाता वास्तविकता में मौजूद ही नहीं हैं— एक 50 गज के मकान नंबर 333 में 39 लोगों का दर्ज होना, जबकि मौके पर कोई नहीं रहता। इसी प्रकार मकान नंबर 572 में 65 लोगों का नाम दिखाना, जबकि मौके पर एक भी नहीं। 105 से 107 वर्ष की आयु वाली माताओं के नाम दर्ज है जबकि मौके पर कोई है ही नहीं। ये गंभीर त्रुटियां कांग्रेस काल के फर्जीवाड़े की ओर इशारा करती हैं।

विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने दोहराया कि नाम काटने का अधिकार किसी नेता का नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि कोई व्यक्ति वैध दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसका नाम नहीं कटेगा। फर्जी मतदान, एक व्यक्ति का कई राज्यों में वोटर होना, या बाहरी लोगों द्वारा गलत तरीके से लाभ लेना ये सभी लोकतंत्र के खिलाफ हैं और इन्हें ठीक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई बेटियां विवाह के बाद जहां जाती हैं, वहां उनका नाम जुड़ना चाहिए और जो बहुएं यहां आती हैं, उनका नाम यहां जुड़ना चाहिए, यह स्वाभाविक और वैधानिक प्रक्रिया है।

विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने कहा कि भाजपा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती, हिंदू-मुस्लिम सभी एक परिवार हैं। प्रदेश का हर नागरिक हमारी जिम्मेदारी है और राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। “राम हो या रहीम, सेवा करना हमारा धर्म है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने केवल मौज-मस्ती की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की देवतुल्य जनता ने भाजपा को सेवा का अवसर दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में चहुंमुखी विकास हो रहा है। भाजपा के दो वर्षों में कांग्रेस को एक भी ठोस मुद्दा या भ्रष्टाचार का उदाहरण नहीं मिला।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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