जयपुर में ऑडी से 16 लोगों को रौंदने वाले मुख्य आरोपी (ड्राइवर) दिनेश रणवा (32) को पुलिस ने रविवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर 25 हजार का इनाम रखा गया था। पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने रिंग रोड पर चलाए सर्च ऑपरेशन में फरार आरोपी को पकड़ा।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया- घटना के अगले दिन वह गोनेर से पैदल भाग गया था। रिंग रोड के साइड में कैमरों से बचते हुए पैदल चलता रहा। करीब 7-8 घंटे चलने के बाद जंगल में जाकर झाड़ियों में थक कर रुक गया। आस-पास भेड़ चराने वालों से मांगकर खाना खाया और रात को उनके पास ही सो गया।
उसके बाद एक ट्रक ड्राइवर से लिफ्ट लेकर करनाल (हरियाणा) और वहां से हरिद्वार चला गया। पैसे खत्म होने पर वापस जयपुर के पास रिंग रोड पर आ गया।

डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया- मामले में फरार ड्राइवर दिनेश रणवा निवासी दूधवा खारा (चूरू) को अरेस्ट किया है। 9 जनवरी को मानसरोवर के खरबास सर्किल पर ओवर स्पीड ऑडी कार को उसने रोड किनारे स्टॉलों में घुसा दिया था। इसके बाद दिनेश मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई कर मेन आरोपी की मदद करने में 7 लोगों को अरेस्ट किया था। फरार ड्राइवर दिनेश रणवा की तलाश में दबिश दी जा रही थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि दिनेश हाईवे पर होटल-ढाबों पर फरारी काट रहा है। पुलिस ने करीब 100 किलोमीटर में लगे 500 से ज्यादा कैमरों के फुटेज खंगाले। इसमें रिंग रोड के साथ होटलों, ढाबों और ट्रक रुकने वाली जगहों के साथ स्लिप रोड के CCTV फुटेज खंगाल कर सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस की ओर से आरोपी के सोलर प्लांट की साइटों पर दबिश दी गई। रविवार को रिंग रोड पर चलाए सर्च ऑपरेशन में दिनेश रणवा पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
भेड़ चराने वालों से मांगकर खाया खाना पूछताछ में आरोपी ने बताया- वह घटना के अगले दिन गोनेर से पैदल भाग गया था। पुलिस पीछे होने का पता चलने पर रिंग रोड के साइड में कैमरों से बचते हुए पैदल चलता रहा। पैदल करीब 7-8 घंटे चलने के बाद जंगल में जाकर झाड़ियों में थक कर रुक गया। एक्सीडेंट के बाद चोट लगी होने और लगातार भागने के कारण थक कर गिर गया। उसके बाद आस-पास भेड़ चराने वालों से मांगकर खाना खाकर रात को उनके पास ही सो गया।
ट्रक से लिफ्ट लेकर भागा उसके बाद फिर रिंग रोड के पास आ गया। दिन में ढाबों पर भटकता रहा। एक ट्रक वाले को बताया कि वह हरियाणा का रहने वाला है। उसका मोबाइल और रुपए छीन लिए हैं। उससे लिफ्ट लेकर करनाल साइड में और वहां से लिफ्ट लेकर हरिद्वार चला गया।
एक रात रुकने के बाद वापस राजस्थान आने के लिए ट्रक से सोनीपत आकर ढाबे पर रुका। वहां उससे रुपए छीनने की कोशिश होने पर लोगों से मोबाइल लेकर परिचितों से कॉन्टैक्ट करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस की ओर से बैंक अकाउंट सीज होने का पता चला। पैसे खत्म होने पर वापस जयपुर के पास रिंग रोड पर आ गया। पैदल घूमकर सोलर साइट्स पर जाकर परिचितों को मदद के लिए ढूंढने लगा।

हादसे में एक युवक की हुई थी मौत जयपुर में 9 जनवरी की रात रेसिंग कर रही एक ऑडी कार ने कहर मचा दिया था। मानसरोवर के भीड़भाड़ वाले इलाके में 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही ऑडी कार पहले बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई। फिर सड़क किनारे लगी फूड स्टॉल्स में घुस गई।
इस दौरान वहां 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। कार 16 लोगों को रौंदते हुए एक पेड़ से टकराकर रुकी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

दिनेश रणवा को फरार करने में इन लोगों ने की मदद
दिनेश रणवा की मदद करने वाले पांच लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक पांचों को दिनेश के अपराध की जानकारी थी। इसके बावजूद वह लगातार उसकी मदद कर रहे थे।
नितिन (31) : सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकारी नौकरी करता है। मूलरूप से गांव चारावास थाना खेतड़ी जिला झुंझुनूं का रहने वाला है। नितिन, दिनेश के बचपन का साथी है। दोनों ने स्कूल में साथ पढ़ाई की है।
सुमित कुमार (28) : दिनेश की सोलर कंपनी में काम करता है। करीब 5 साल से दिनेश और सुमित एक-दूसरे को जानते हैं।
डॉ. अशोक मीणा (40) : रजत पथ मानसरोवर में प्राइवेट प्रैक्टिस करता है। दिनेश के साथ दोस्ती ज्यादा पुरानी नहीं है। नितिन का दोस्त होने के कारण मदद करने के लिए पहुंचा था।
भागचन्द (34) : प्रॉपर्टी का काम करता है। दिनेश जिस फ्लैट पर गया था, वह भागचन्द ने ही उसे बेचा था। उसी दौरान दोनों में दोस्ती हुई थी।
शिवराज (30) : भागचन्द का छोटा भाई है। मीटर बनाने वाली कंपनी में काम करता है। इसी की कार लेकर दिनेश भागा है।

कॉन्स्टेबल मुकेश और पप्पू पर भी कई धाराओं में चलेगा केस
1. मुकेश रणवा (30) : निर्भया स्क्वॉड रिजर्व पुलिस लाइन आयुक्तालय जयपुर में कॉन्स्टेबल (कानि. 12018) तैनात है। हादसे के समय ऑडी कार में ही सवार था। पुलिसकर्मी होने के बाद भी दिनेश को नशे में कार चलाने दी। घटना के बाद मुकेश ने पुलिस को जानकारी नहीं दी। मौके से भागकर पुलिस लाइन चला गया। घटना के तथ्यों को मिटाने का प्रयास किया।
2. पप्पू चौधरी (28) : प्रॉपर्टी का काम करता है। दुर्घटना के बाद लोगों ने उसे कार से निकाल कर पीटा। दिनेश ने अत्यधिक शराब पी रखी थी। इसकी जानकारी होने के बावजूद कार चलाने से नहीं रोका।






