जयपुर में विदेशी पर्यटकों से भरी महाराजा एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश नाकाम हो गई। अज्ञात लोगों ने रेलवे ट्रैक पर लोहे की एंगल रख दिए थे। लोको पायलट ने समय रहते ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने शिवदासपुरा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सोमवार रात 11 बजे महात्मा गांधी हॉस्पिटल स्थित रेलवे फाटक के पास की है। ट्रेन सवाईमाधोपुर से शाम 6 बजे रवाना होकर दुर्गापुरा आ रही थी। ट्रेन 35 मिनट तक रुकी रही।

4 से 5 लोहे के एंगलों से महाराजा ट्रेन का इंजन टकराया
आरपीएफ सीनियर डीएससी ओंकार सिंह ने बताया कि विदेशी पर्यटकों के लिए चलाई जा रही 00240 महाराजा एक्सप्रेस सोमवार रात 11.02 बजे सवाईमाधोपुर से जयपुर जा रही थी।
इस दौरान सांगानेर-शिवदासपुरा स्टेशन के बीच 4 से 5 लोहे के एंगलों से ट्रेन का इंजन टकरा गया। इस दौरान लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रेन को रोक दिया और कंट्रोल रूम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम डॉग स्क्वॉयड और स्पेशल फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। पटरी से एंगलों को हटाया गया। एंगल पर सिमेंट के ब्लॉक लगे थे। अगर ट्रेन स्पीड में इससे टकराती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
डीएससी ओंकार ने बताया- कि हमने शिवदासपुरा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ जानबूझकर ट्रेन को डिरेल-मेंट करने की साजिश के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है। प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है, जैसे कोई नशेड़ी लोहे के एंगल को पटरी पर लेकर आ गए।

कन्क्रीट ब्लॉक के कारण एंगल को तोड़ने के लिए ले गए पटरी पर
ओंकार सिंह ने बताया कि कन्क्रीट ब्लॉक के कारण वह भारी रहा होगा। इसलिए उसे तोड़ने के लिए पटरी पर रखा होगा। दो ब्लॉक को तोड़ा भी गया है।
ऐसे में हो सकता है कि उसी समय ट्रेन आ गई और वो उसे वहीं छोड़कर भाग गए। हम इस मामले का हर एंगल से जांच कर रहे हैं। इसमें स्थानीय थाने की भी मदद ली जा रही है।
लग्जरी ट्रेन में 21 विदेशी पर्यटक थे मौजूद
यह ट्रेन दिल्ली से आगरा होते हुए सवाईमाधोपुर से जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन आ रही थी। 23 कोच वाले इस लग्जरी ट्रेन में 21 विदेशी पर्यटक समेत कई ट्रेन के कर्मचारी मौजूद थे।
यह ट्रेन जयपुर से दिल्ली तीन दिन की ट्रिप पर सवाईमाधोपुर से शाम 6 बजे रवाना होकर दुर्गापुरा आ रही थी। इस दौरान लगभग रात 11 बजे इस ट्रेन को रोकना पड़ा। ट्रैक पर ट्रेन 35 मिनट तक रुकी रही।






