Home » राजस्थान » डोटासरा बोलते पहले हैं, सोचते बाद में, इसी कारण उनके बयान स्तरहीन और असंसदीय:— मदन राठौड़

डोटासरा बोलते पहले हैं, सोचते बाद में, इसी कारण उनके बयान स्तरहीन और असंसदीय:— मदन राठौड़

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रेस को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डोटासरा बोलते पहले हैं और सोचते बाद में, इसी कारण उनके बयान स्तरहीन और असंसदीय होते जा रहे हैं। एक जिम्मेदार विधायक होने के बावजूद वे शब्दों का चयन नहीं कर पा रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक गिरावट और हताशा को दर्शाता है। राठौड़ ने कहा कि बेईमान जैसे असंसदीय शब्दों का प्रयोग करना उनकी बिगड़ती शब्दावली और मानसिक स्थिति को उजागर करता है। यह उनकी राजनीतिक खीज का परिणाम है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद परिसीमन को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर कहा कि परिसीमन कभी भी राजनीतिक आधार पर नहीं होता। परिसीमन पूरी तरह निर्वाचन आयोग द्वारा कराया जाता है, इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने घुसपैठियों, बांग्लादेशियों, रोहिंग्या आदि को वोटर बनाने का काम किया। परिसीमन के माध्यम से क्षेत्रीय डेमोग्राफी बदलने जैसे काम किए हैं। इसी कारण कांग्रेस को लगता है कि भाजपा भी ऐसा करेगी। अब एसआईआर में इन बाहरी लोगों के नाम कटते है तो इसमें कांग्रेस को आपत्ति क्यों है?

उन्होंने कहा कि जिला परिषद का परिसीमन जिले की परिधि में तथा पंचायत समिति का परिसीमन पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आगामी चुनावों में हार का डर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी कारण वे पहले से ही आरोप लगाकर बहाने तैयार कर रहे हैं, ताकि हार के बाद उसका ठीकरा किसी और पर फोड़ा जा सके। कांग्रेस की पुरानी आदत रही है कि जीत पर ताल ठोकती है और हार पर ईवीएम या संवैधानिक संस्थाओं को दोष देती है।

भाजपा के संगठनात्मक अनुशासन पर बोलते हुए राठौड़ ने कहा कि भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि है। किसी भी कार्यकर्ता को जब दायित्व मिलता है तो वह पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ काम करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पार्टी अध्यक्ष को ‘बॉस’ कहना और स्वयं को कार्यकर्ता बताना भाजपा की कार्यसंस्कृति को दर्शाता है। यह प्रधानमंत्री जी का बड़प्पन और आदर्श व्यवहार है कि वे स्वयं को भी संगठन और व्यवस्थाओं के अनुशासन से बंधा हुआ मानते हैं। उन्होंने कहा कि आज संगठन में नई पीढ़ी को तैयार किया जा रहा है, जो एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य पहल है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पिता भी एक कुशल राजनेता रहे हैं और स्वयं नितिन नबीन भी एक बेहतर कार्यकर्ता हैं। इससे संगठन और अधिक मजबूत होगा। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का आज का भाषण भी कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक और पाथेय के समान रहा। राठौड़ ने कहा कि राजनीति में स्पोर्ट्समैन स्पिरिट होनी चाहिए। काम करें, जीतें तो बधाई स्वीकार करें और हारें तो आत्ममंथन व समीक्षा करें। कांग्रेस के पास न तो समर्पित कार्यकर्ता हैं और न ही संगठनात्मक अनुशासन। उनकी व्यवस्थाएं पूरी तरह बिगड़ी हुई हैं, जिसका परिणाम बार-बार सामने आ रहा है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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