अजमेर की वरुण सागर झील में शुक्रवार को एनडीआरएफ ने बाढ़ से निपटने को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया। ड्रिल के दौरान झील में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने का रिहर्सल किया गया। इस अभ्यास में एनडीआरएफ के साथ सिविल डिफेंस, पुलिस, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौजूद रहीं। सभी विभागों ने आपसी समन्वय बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।

बोट की मदद से डूबते पर्यटकों को बचाया
मॉक ड्रिल एसडीएम की निगरानी में कराई गई, जिसमें बाढ़ जैसी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता और टीम वर्क की व्यवहारिक जांच की गई। एनडीआरएफ की टीम ने रबर बोट की मदद से झील में उतरकर डूबते पर्यटकों को बचाने, प्राथमिक उपचार देने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस दौरान संचार व्यवस्था, रेस्क्यू उपकरणों और समय प्रबंधन की भी परख की गई।

झील में बाढ़ जैसे हालात बनते हैं
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वरुण सागर झील के ओवरफ्लो होने के कारण आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनते रहे हैं। ऐसे में किसी भी आपदा से पहले तैयारियों की समीक्षा करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई, ताकि वास्तविक स्थिति में किसी भी तरह की चूक न हो।

मॉक ड्रिल के बाद एसडीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और जरूरी सुधार के निर्देश दिए। प्रशासन ने कहा- आने वाले मानसून सीजन को देखते हुए ऐसे अभ्यास आगे भी किए जाएंगे, ताकि आपदा की स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।






