भीलवाड़ा में गैस लीकेज से तेज धमाका हुआ और घर की दीवारें ढह गई, जबकि छत में दरारें आ गई। धमाके के समय कमरे में तीन बच्चे और पति-पत्नी मौजूद थे, जो हादसे में बाल-बाल बच गए।
हादसा शनिवार सुबह शहर के प्रताप टॉकिज के पास आर्य समाज स्कूल में हुआ। स्कूल में कुछ कमरे बने हुए है, जहां एक कमरे में ये हादसा हुआ। धमाके की आवाज सुन जब लोग पहुंचे तो पूरे घर का सामान बिखरा हुआ था।
धमाका इतना तेज था कि घर के दरवाजे से लेकर कुर्सियां और बाकी सामान 50 फीट दूर जाकर गिरे। खिड़कियां तक दीवार से निकल छत पर बिखर गई। घर में रखी अलमारी भी सामने दीवार पर लगी टीवी जा गिरी।
फोटो में देखिए पूरा हादसा…



तेज धमाके से कमरे की दीवार ढही
जानकारी के अनुसार ये हादसा सुबह पांच बजे हुआ। आर्य समाज स्कूल में तीसरी मंजिल पर प्रिंसिपल बाल मुकुंद (41) का परिवार रहता है। हादसे के वक्त उनकी पत्नी हेमलता वर्मा (41) और तीन बच्चे आर्या (15), आर्यश्री (13) और आर्य निधि (7) मौजूद थे।
प्रिंसिपल अपने परिवार के साथ स्कूल परिसर में बने कमरे में ही रहते थे। बताया जा रहा है कि कोरोना के बाद स्कूल के तीसरे फ्लोर का निर्माण करवाया था।
हादसे के दौरान घर में दो बच्चियों समेत पांच लोग सो रहे थे। अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके के साथ ही घर में किचन और कमरे की दीवार कुछ ही सेकेंड में ढह गई और बाकी दीवारों में दरारें आ गई।
परिवार अपने आप को संभाल पाता इतने में ही छत ही दीवार भी ढह गई और सारा मलबा नीचे आकर गिर गया। धमाके से रसाई का सारा सामान बिखर गया और मलबे में दब गया।
दीवार से सटी अलमारी भी धमाके से टीवी पर गिरी और वह भी टूट गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिवार को वहां से बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस हादसे में पांचों को कोई चोट नहीं आई है।

नींद में थे अचानक धमाका हुआ
परिवार के सदस्यों का कहना है की वे सभी गहरी नींद में थे अचानक धमाके की आवाज हुई ओर कमरे में धूल भर गई। उठ कर देखा तो छत का एक हिस्सा, कमरे की दीवारें गिरी हुई थी।
सारा सामान मलबे में दब गया। पड़ोसियों की मदद से हम जैसे तैसे कमरे से बाहर निकले। शुरुआती तौर पर माना जा रहा था कि गैस सिलेंडर फटने के चलते हादसा हुआ होगा लेकिन मौके पर मौजूद कमरे में रखी दोनों गैस की टंकियां पूरी तरह सही थी।
हालांकि परिवार के लोगों का कहना है कि गैस रिसाव की वजह से ये धमाका हुआ था।

प्रत्यक्षदर्शी बोलीं- बच्चियों के बिस्तर पर छोटे-मोटे पत्थर गिरे
आर्य समाज स्कूल के पड़ोस में रहने वाली महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रेखा हिरण ने बताया- मैं सुबह 4:45 बजे उठकर माला फेर रही थी। इसी दौरान तेज धमाके की आवाज सुनाई दी।
खिड़की से झांक कर रखा तो बाहर धूल उड़ रही थी। इसके बाद मैंने पति को उठाया और दोनों स्कूल में पहुंचे। वहां धमाका हुआ था। वहां रखी एक छोटी और एक बड़ी गैस की टंकी को देखा तो वे सेफ थी, जलने के निशान भी नहीं थे।
पूरे कमरे में धूल उड़ रही थी। जिस कमरे की दीवार ढही उसमें पति-पत्नी और दो बच्चियां सो रही थी। धमाके से उनके बिस्तर पर भी छोटे-बड़े पत्थर गिरे थे लेकिन पांचों सुरक्षित थे।
लोगों की मदद से पांचों को बाहर निकाला। कुछ देर में पुलिस भी पहुंच गई थी। कमरे और स्कूल को पूरा चेक किया लेकिन पता नहीं चल पाया कि ब्लास्ट कैसे हुआ।






