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पीएमकेकेकेवाई में प्रदेश के 5 आंकाक्षी जिले और 27 आंकाक्षी ब्लॉक शामिल,

खान, भूविज्ञान व पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव श्री टी. रविकान्त ने जिला कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रुबरु होते हुए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फण्ड ट्रस्ट में उपलब्ध राशि का खनिज प्रभावित क्षेत्रों में निर्धारित कार्यों के लिए परस्पर सहयोग से बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता प्रतिपादित की है। भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा प्रदेश के 5 आंकाक्षी जिलों और 27 आंकाक्षी ब्लॉकों में प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन पर जोर दिया है। केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जल्द ही डीएमएफटी पोर्टल भी लांच किया जा रहा है जिसमें राज्य स्तर के साथ ही संबंधित जिलों से संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।

प्रमुख सचिव माइंस श्री टी. रविकान्त ने बताया कि भारत सरकार के नीति आयोग ने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना पीएमकेकेकेवाई में डीएमएफटी में उपलब्ध राशि के बेहतर उपयोग पर जोर देते हुए दिशा-निर्देश जारी किये हैं। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा इसे गंभीरता से लेते हुए क्रियान्वयन में समन्वय और संचालन सहायता के लिए पीएमयू का गठन अंतिम चरण में है।

श्री रविकान्त ने बताया कि नीति आयोग द्वारा राज्य के 5 आंकाक्षी जिलों में सिरोही, जैसलमेर, बारां, करौली और धौलपुर को रखा गया हैं वहीं 27 आंकाक्षी ब्लॉकों में नीमराणा, सज्जनगढ़, किशनगंज, रामसर, वैर, कोटड़ी, कोलायत, नीम्बाहेड़ा, राजगढ़, रामगढ़ पचवारा, बसेड़ी, जोठरी, संगरिया, फतेहगढ़, आहोर, खानपुर, शेरगढ़, मासलपुर, जायल, रानी स्टेशन, पीपलखूंट, भीम, गंगापुर सिटी, आबू रोड़, पीपलू और खैरवाड़ा को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध राशि के बेहतर उपयोग के लिए कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन, प्रभावी मोनेटरिंग, जनभागीदारी, जागरुकता और कौशल विकास पर जोर दिया गया है।

श्री रविकान्त ने डीएमएफटी से जुड़े सभी जिलो के जिला कलक्टरों से और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के समन्वित विकास के लिए इस कोष का निर्धारित कार्यों में उपयोग कर लाभान्वित किया जाना है।

वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में संयुक्त सचिव माइंस श्री अरविन्द सारस्वत, अधीक्षण भूवैज्ञानिक एरियल सर्वें श्री सुनील कुमार के साथ ही संबंधित जिलों के जिला कलक्टर व फील्ड अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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