जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ बी. आदित्य के निर्देशन में जिले में अपनों से बिछड़े लोगों को वापस लाने के लिए एक विशेष अभियान का आगाज किया गया। 11 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक चले इस सघन अभियान को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा और विशेष महिला अपराध अनुसंधान यूनिट के एएसपी बलबीर सिंह के प्रभावी मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। इस दौरान जिले के समस्त थानों में विशेष टीमों का गठन कर गुमशुदाओं की तलाश के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए थे।
चार राज्यों में फैलाया पुलिस का जाल
एसपी आदित्य ने बताया कि प्रतापगढ़ पुलिस की इन विशेष टीमों ने गुमशुदाओं की खोज में राजस्थान के जोधपुर, पाली, जयपुर और उदयपुर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न दुर्गम और शहरी क्षेत्रों में दबिश दी। मात्र 20 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद टीमों ने कुल 108 गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित खोज निकाला, जिनमें 95 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं।
थानों की सक्रियता और उपलब्धि के आंकड़े
इस अभियान के तहत थाना छोटीसादड़ी ने सर्वाधिक कुशलता दिखाते हुए 14 महिलाओं और 1 पुरुष सहित कुल 15 लोगों को दस्तयाब किया। इसी प्रकार थाना सालमगढ द्वारा 01 पुरुष 09 महिला, थाना प्रतापगढ द्वारा 05 पुरुष 09 महिला, थाना पीपलखूंट द्वारा 03 पुरूष 08 महिला, थाना सुहागपुरा द्वारा 01 पुरुष 07 महिला, थाना अरनोद, घण्टाली द्वारा 07-07 महिला, थाना देवगढ द्वारा 06 महिला, थाना पारसोला द्वारा 01 पुरुष 06 महिला, थाना रठांजना द्वारा 02 महिला, थाना केसरियावद द्वारा 03 महिला, थाना जलोदा जागीर, कोटडी, धोलापानी द्वारा थाना 04-04 महिला, थाना धरियावद द्वारा 01 पुरुष 03 महिला और थाना धमोत्तर द्वारा 02 महिला गुमशुदा को दस्तयाब कर उनके परिवारों से मिलवाया।
तकनीकी साक्ष्य और एसओपी का कमाल
इस सफलता के पीछे प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा विकसित की गई वह विशेष एसओपी रही, जिसे इसकी सफलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय द्वारा पूरे राजस्थान में लागू किया गया है। अनुसंधान अधिकारियों ने आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और आसूचना तंत्र का बेहतरीन समन्वय किया। अधिकारियों ने गुमशुदाओं के परिजनों और मित्रों से निरंतर संवाद कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस कर इस ऑपरेशन को सफल बनाया।






