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गोविंददेवजी मंदिर का विकास महाकाल की तर्ज पर होगा:खर्रा बोले-जगतपुरा, वैशाली नगर तक मेट्रो पर विचार; गहलोत की बजट घोषणा पूरी करेगी सरकार

जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर का महाकाल की तर्ज पर विकास करवाने की पिछली सरकार की बजट घोषणा पर अब काम आगे बढ़ेगा। देर रात विधानसभा में अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने यह घोषणा की।

खर्रा ने कहा कि 2023-24 के बजट भाषण में तत्कालीन सीएम ने गोविंद देवजी मंदिर में पर्यटन विकास के लिए 100 करोड़ के विकास कामों की घोषणा की थी। इसे पूरा करने कंस्ललेंट नियुक्त किया था, रिपोर्ट के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम बंद कर दिया था, अब आगे यह काम होगा। खर्रा ने जयपुर में जगतपुरा और वैशालीनगर तक भी मेट्रो चलाने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए घोषणा की।

खर्रा ने कहा- जयपुर मेट्रो फेज-2 का विस्तृत ट्रैफिक-ट्रांसपोर्ट अध्ययन, सर्वेक्षण और वित्तीय-आर्थिक विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिक रूप से रूट तय किया गया है। प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़ तक का यह कॉरिडोर ज्यादा यात्री भार वाले क्षेत्रों को जोड़ेगा, जो जयपुर को जाम से राहत देने की दिशा में ठोस कदम है। जगतपुरा, वैशाली नगर आदि क्षेत्रों में भी मेट्रो विस्तार पर विचार किया जाएगा।

जेडीए में खाली पदों पर भर्ती होगी

जेडीए में खाली पदों को भरने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेजी जा चुकी है। जयपुर में ट्रैफिक मैनजमेंट के लिए आरआईटीईएस से सर्वे कराया है, कार्ययोजना तैयार करने के लिए सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

साथ ही, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट, दिल्ली के डीन जयपुर का दौरा कर चुके हैं। अब उनकी टीम भी शहर आ रही है। केवल 12 करोड़ रुपये की लागत से अब महल रोड को भी सिग्नल फ्री किया जा रहा है।

शोरूम बनाने मार्च में टेंडर निकालेगा हाउसिंग बोर्ड

खर्रा ने कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्माण कामों पर अभी तक 380 करोड़ खर्च कर चुका है। जयपुर के प्रताप नगर में 336 आवासों और 132 शोरूम के निर्माण के लिए मार्च 2026 में निविदा निकाली जाएगी। मास्टर विकास योजना-2047 को तैयार करने के लिए जेडीए में 679 नए राजस्व गांवों को जोड़ा गया है।

14 मंजिल का हो सकता था आईपीडी टावर

यूडीएच मंत्री ने एसएमएस के आईपीडी टावर को लेकर गत कांग्रेस सरकार पर तंज कसा। कहा कि आईपीडी टावर 1200 बेडेड अस्पताल के लिए केवल 190 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की। आईपीडी टावर 14 मंजिल का हो सकता था, उसमें 27 मंजिल की क्या जरूरत थी? इसके भवन के लिए मध्यप्रदेश से पत्थर क्यों लिया जा रहा था, राजस्थान से क्या दुश्मनी थी?

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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