जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 12,200 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। योजना का उद्देश्य किसानों को सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, कीट एवं बीमारियों जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार के अनुसार, योजना में किसानों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और इसे अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राजस्थान में 62.58 लाख किसान योजना से जुड़े
राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन किया जा रहा है। राज्य में 62.58 लाख किसानों का नामांकन किया गया है। प्रदेश में करीब 2 करोड़ 82 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को योजना के अंतर्गत बीमित किया गया है। राज्य के कुल फसली क्षेत्र का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा फसल बीमा के दायरे में है।
सरकार का कहना है कि किसानों को कम प्रीमियम में फसल का बीमा उपलब्ध कराकर जोखिम कम किया जा रहा है। खरीफ फसलों के लिए किसानों को अधिकतम 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत तथा बागवानी फसलों के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होता है। शेष प्रीमियम में केंद्र और राज्य सरकारें निर्धारित अनुपात में योगदान करती हैं।
देशभर में करोड़ों किसानों को मिला लाभ
पीएमएफबीवाई के तहत देशभर में किसानों की भागीदारी बढ़ी है। योजना के अंतर्गत अब तक 92.46 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों का बीमा किया जा चुका है। वहीं, 26.33 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों के लिए 2.06 लाख करोड़ रुपए से अधिक के दावों का भुगतान किया गया है।
सरकार ने बताया कि योजना की शुरुआत से अब तक 92 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों का बीमा किया गया है। 27 अगस्त 2026 तक देश में 241.38 लाख करोड़ किसान आवेदनों और 278.12 करोड़ हेक्टेयर जमीन का बीमा किया जा चुका है।
राजस्थान में रबी 2025-26 में 19 फीसदी बढ़ी भागीदारी
राजस्थान में रबी 2025-26 के दौरान किसानों की भागीदारी में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान बीमा कराने वाले किसानों की संख्या 30.59 लाख से बढ़कर 36.45 लाख हो गई। इससे प्रदेश में फसल बीमा योजना के प्रति किसानों के बढ़ते भरोसे का संकेत मिलता है।
डिजिटल तकनीक से दावों का निपटारा होगा तेज
फसल बीमा योजना में तकनीक के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार ने योजना में वेदर इंडेक्स, डिजिटलीकरण, रिमोट सेंसिंग और ड्रोन जैसी तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया है। इसके साथ ही बीमा दावों के निपटारे को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे, उपग्रह आधारित आकलन और डेटा सिस्टम को जोड़ा जा रहा है।
सरकार के अनुसार, तकनीक के इस्तेमाल से फसल नुकसान का आकलन अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा और किसानों को बीमा राशि मिलने में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा।
18 हजार करोड़ से अधिक दावों का भुगतान
राजस्थान में वर्ष 2025-26 तक पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत करीब 21 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को बीमित किया गया। किसानों को करीब 18,189 करोड़ रुपए से अधिक के दावों का भुगतान किया गया है।
खरीफ और रबी सीजन में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार लगातार फसल बीमा कवरेज बढ़ाने पर जोर दे रही है। योजना का लक्ष्य किसानों को प्राकृतिक जोखिमों से बचाते हुए खेती को अधिक सुरक्षित और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है।
Author: newsinrajasthan
NEWS IN RAJASTHAN is a Hindi News channel. The most honest and growing news channel that covers latest trending news,Hindi news Bulletin in depth coverage of news stories, Indian film industry,latest Bollywood updates.We primarily focus on ground level reporting and serious news.NEWS IN RAJASTHAN has Dedicated specialized programs that covers politics,Business,corporate shows,Education and sports etc.



